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नोएडा प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई, लोटस पनास सोसाइटी के तीन टावर और 10 दुकानें सील, जानिए वजह?

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मानचित्र की वैधता खत्म होने के बाद भी चल रहा था निर्माण, खरीदारों की फंसी बुकिंग
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Noida: नोएडा प्राधिकरण ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बुधवार को सेक्टर-110 स्थित लोटस पनास सोसाइटी के तीन निर्माणाधीन टावरों और 10 दुकानों को सील कर दिया। यह कार्रवाई बकाया भुगतान न करने और भवन मानचित्र की वैधता समाप्त होने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखने पर की गई है।

यह वही परियोजना है जिसे लेकर प्राधिकरण पहले भी तीन टावर सील कर चुका है। वर्तमान में जिन टावरों को सील किया गया है, वे निर्माणाधीन थे और उनमें कोई निवास नहीं कर रहा था। हालांकि, कई खरीदारों ने इन टावरों में फ्लैट बुक कर रखे थे, जिससे अब वे फंसे हुए नजर आ रहे हैं।


4,018 फ्लैट बनाने का प्रस्ताव 

प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, भूखंड संख्या जीएच-5, सेक्टर-110 में स्थित यह ग्रुप हाउसिंग परियोजना मैसर्स ग्रेनिट गेट प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड की है। यह भूखंड 1,64,120 वर्ग मीटर का है, जिसका पट्टा प्रलेख 29 दिसंबर 2009 को किया गया था। इस परियोजना में कुल 31 टावर स्वीकृत हैं, जिनमें 4,018 फ्लैट बनाने का प्रस्ताव था।


702 करोड़ रुपये बकाया

नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी क्रांति शेखर ने बताया कि बिल्डर पर वर्तमान में 702 करोड़ 59 लाख रुपये का बकाया है। बिल्डर ने भवन मानचित्र की अवधि बढ़ाने के लिए 8 फरवरी 2024 को आवेदन किया था, जिस पर प्राधिकरण ने कुछ आपत्तियां दर्ज की थीं। इसके बाद मामला उच्च न्यायालय में पहुंच गया था।

न्यायालय के निर्देश पर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने परियोजना में नियुक्त रिजोल्यूशन प्रोफेशनल की सुनवाई की थी। उस दौरान आवंटियों को साफ निर्देश दिए गए थे कि जब तक भवन मानचित्र की अवधि बढ़ाने की मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न किया जाए। इसके बावजूद मौके पर निर्माण कार्य जारी रहने और बकाया न चुकाने की पुष्टि होने पर प्राधिकरण ने बुधवार को तीन टावरों और 10 दुकानों को सील कर दिया। गौरतलब है कि इस परियोजना के बाकी टावरों में लोग रह रहे हैं, जबकि निर्माणाधीन हिस्से पर अब प्राधिकरण की कार्रवाई के बाद काम पूरी तरह ठप हो गया है। खरीदार अब प्राधिकरण और बिल्डर दोनों से समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

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