नोएडा का एक कारोबारी साइबर ठगों के चंगुल में फंसा, शेयर बाजार में मुनाफे के लालच में गवाएं 61 लाख

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सोशल मीडिया पर विज्ञापन देख जाल में फंसे

Noida: साइबर ठगों ने एक बार नोएडा के एक व्यक्ति को निवेश के नाम पर चूना लगाने की वारदात को अंजाम दिया है। सेक्टर-143 निवासी एक कारोबारी को शेयर बाजार में मुनाफा कमाने का लालच देकर 61 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


सोशल मीडिया पर विज्ञापन देख जाल में फंसे

अपर पुलिस उपायुक्त शैव्या गोयल ने बताया कि पीड़ित प्रथम अग्रवाल ने अप्रैल माह में सोशल मीडिया पर एक निवेश संबंधी विज्ञापन देखा। अधिक जानकारी लेने के लिए उन्होंने दिए गए लिंक पर क्लिक किया, जिससे वे एक ऑनलाइन ग्रुप में जुड़ गए। इस ग्रुप में कई लोग पहले से मौजूद थे, जो निवेश से मुनाफा कमाने के दावे कर रहे थे और स्क्रीनशॉट साझा कर दूसरों का भरोसा जीत रहे थे।


पहले छोटे निवेश में हुआ मुनाफा, फिर बढ़ाई रकम

ग्रुप के एक सदस्य ने प्रथम अग्रवाल से निजी चैट पर संपर्क किया और उन्हें निवेश के लिए प्रोत्साहित किया। विश्वास जमाने के लिए ठगों ने पहले छोटे निवेश पर मुनाफा दिलवाया और रकम निकालने की अनुमति भी दी। इससे भरोसा बढ़ने पर प्रथम ने दस से अधिक बार में कुल 61 लाख रुपये का निवेश कर दिया।


ऐप पर दिखाया बढ़ता मुनाफा, लेकिन नहीं मिली रकम

पूरे लेन-देन के दौरान ठगों ने एक ऐप डाउनलोड करवाया, जिसमें निवेश की रकम और मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाया जाता था। ऐप पर उनका मुनाफा एक करोड़ रुपये से अधिक दिखाई देने लगा। लेकिन जब उन्होंने जुलाई में रकम निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने टैक्स और अन्य शुल्कों के नाम पर अतिरिक्त पैसे मांगने शुरू कर दिए। जब प्रथम ने इंकार किया, तो ठगों ने संपर्क तोड़ दिया।


ग्रुप के सदस्य भी निकले गिरोह के साथी

पीड़ित को बाद में पता चला कि ग्रुप में मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा करने वाले सभी लोग ठग गिरोह के ही सदस्य थे, जो उसे फंसाने के लिए नकली निवेश दिखा रहे थे। अपर पुलिस उपायुक्त शैव्या गोयल ने बताया कि जिन खातों में ठगी की रकम भेजी गई थी, उनकी जांच की जा रही है। कुछ खातों को फ्रीज करा दिया गया है और शेष की प्रक्रिया जारी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रकम म्यूल (किराये के) खातों में ट्रांसफर की गई थी। इस तरह के मामलों में शामिल लोगों की गिरफ्तारी के लिए साइबर क्राइम थाना में अलग टीम बनाई गई है। ऐसे खाते मुहैया कराने वालों को ठगी की रकम से मोटा कमीशन मिलता है।

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