नोएडा में फिर प्रदूषण का कहर, प्राधिकरण ने नियंत्रण के लिए उतारी अपनी फौज

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नोएडा देश का सबसे प्रदूषित शहर

Noida:नोएडा एनसीआर में एक बार फिर वायु प्रदूषण ने दस्तक दे दी है और लगातार क्वालिटी तेजी से गिर रही है. वायु प्रदूषण पर नियंत्रण रखने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेड) के पहले चरण की पाबंदियों को लागू कर दिया है। जिसका पालन कराने का सख्त निर्देश स्थानीय प्रशासन को दिया है। ग्रैप 1 लागू होने के बाद भी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार नोएडा देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। जहां AQI 318 दर्ज किया गया, जो बहुत खराब श्रेणी में है। ग्रेटर नोएडा में एक्यूआई 263 पहुंच चुका है।


14 टीमों ने 20 जगहों पर किया निरीक्षण

वहीं, नोएडा प्राधिकरण द्वारा बताया गया है कि दिल्ली एनसीआर एवं आस-पास के क्षेत्र AQI स्तर खराब श्रेणी में पहुंचने के बाद नोएडा में ग्रैप 1 लागा किया गया है। नोएडा प्राधिकरण द्वारा मानकों के अनुसार अनुपालन कराना सुनिश्चित कर दिया गया है। इसी कड़ी में गुरुवार को नोएडा प्राधिकरण की 14 टीमों द्वारा सेक्टरों / ग्रामों के विभिन्न 20 स्थलों का निरीक्षण किया गया। जिसमें लोगों को ग्रेप की गाईड लाइंस / एनजीटी के नियमों के अनुपालन के सम्बन्ध में जागरूक किया गया।


एंटी स्मॉग गन से छिड़काव

नोएडा क्षेत्र में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए मुख्य मार्गों पर 20 टैंकरों और 10 ट्रक माउण्टेड एंटी स्मॉग गन के माध्यम से 120.00 किमी लम्बाई में शोधित जल का छिड़काव किया गया। जिससे सड़कों पर उड़ने वाली धूल पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरतंर रूप से 14 नग मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों के माध्यम से 340 किमी मुख्य मार्गों पर वायु प्रदूषण नियंत्रण हेतु सफाई का कार्य कराया जा रहा है। वहीं, उद्यान विभाग द्वारा 5 टैंकरों के माध्यम सेंट्रल वर्ज पर लगे पेड-पौधे इत्यादि की धुलाई का कार्य कराया गया।


गौतमबुद्ध नगर में जमीनी हकीकत

नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली एनसीआर में नियमों की अनदेखी हो रही है। खुलेआम कूड़ा जलाया जा रहा है, निर्माण स्थलों से उड़ती धूल और बिना ढके मलबा ढोते ट्रक आम हैं. तिलपता, सूरजपुर, मकौड़ा और साइट-सी में टूटी सड़कों से दिनभर धूल उड़ती रहती है।

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