CBSE छात्रों को बड़ी राहत, 7वीं से 9वीं तक नहीं बदलनी होगी विदेशी भाषा, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला

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केंद्र सरकार ने थ्री लैंग्वेज पॉलिसी पर बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। कक्षा 7 से 9 तक के छात्रों को 10वीं तक भाषा नहीं बदलनी होगी। नई व्यवस्था केवल नए छात्रों पर लागू होगी। इस फैसले से अभिभावकों और छात्रों को बड़ी राहत मिली है।

केंद्र सरकार की नई थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच बनी चिंता अब खत्म हो गई है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि कक्षा 7, 8 और 9 में पढ़ रहे विद्यार्थियों को बीच में भाषा बदलने की जरूरत नहीं होगी। ये छात्र 10वीं तक वही विदेशी या चुनी हुई भाषा पढ़ते रहेंगे, जिसे वे पहले से सीख रहे हैं। इस फैसले से लाखों छात्रों को बड़ी राहत मिली है।


पुरानी व्यवस्था जारी, केवल नए छात्रों पर लागू होगी नीति

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अनुसार यह नई व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। अभी जो छात्र पहले से स्कूलों में पढ़ रहे हैं, उन पर कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। केवल कक्षा 6 में नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों पर यह नियम लागू होगा। सीबीएसई जल्द ही संशोधित निर्देश जारी करेगा ताकि किसी भी तरह का भ्रम न रहे और स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो।


अभिभावकों की चिंता खत्म

नई नीति को लेकर पहले यह आशंका थी कि कक्षा 9 में पहुंचते ही छात्रों को अनिवार्य रूप से भारतीय भाषाओं की ओर शिफ्ट होना पड़ेगा। इससे पढ़ाई का बोझ बढ़ने और भ्रम की स्थिति बनने की संभावना थी। अब सरकार के स्पष्ट रुख के बाद यह समस्या समाप्त हो गई है। स्कूलों को भी अब भाषा चयन और शिक्षकों की व्यवस्था में आसानी होगी।


NEP 2020 के अनुसार आगे बढ़ेगी नई प्रणाली

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत कक्षा 6 से 8 तक तीन भाषाएं पढ़ाना अनिवार्य है, जिनमें दो भारतीय भाषाएं शामिल होंगी। विदेशी भाषाएं विकल्प के तौर पर जारी रहेंगी। सरकार का उद्देश्य भारतीय भाषाओं को शिक्षा प्रणाली का मजबूत आधार बनाना है। साथ ही छात्रों को स्किल आधारित शिक्षा की ओर भी प्रेरित किया जा रहा है, जिससे उनका समग्र विकास हो सके।

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