प्यार हो तो ऐसा! पत्नी का पहला करवा चौथ, अंबाला के डॉक्टर ने कोलकाता के लिए भरी उड़ान

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अंबाला के एक डॉक्टर ने पत्नी का पहला करवा चौथ खास बनाने के लिए कोलकाता जाने का फैसला किया। पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच पति का यह कदम सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा में है।

अंबाला। पत्नी का पहला करवा चौथ यादगार बनाने के लिए अंबाला के एक डॉक्टर ने ऐसा कदम उठाया, जिसकी चर्चा अब शहर से लेकर सोशल मीडिया तक हो रही है। जानकारी के मुताबिक डॉक्टर अपनी पत्नी के साथ यह खास दिन मनाने के लिए कोलकाता पहुंचे। दोनों की शादी के बाद यह पहला करवा चौथ था और पत्नी फिलहाल कोलकाता में थीं। डॉक्टर ने अस्पताल की व्यस्त दिनचर्या और दूरी के बावजूद विमान से यात्रा करने का फैसला किया। उनके इस कदम को परिवार और परिचितों ने वैवाहिक रिश्ते में साथ निभाने की मिसाल बताया। करवाचौथ पर महिलाएं पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। ऐसे में पति का समय निकालकर साथ पहुंचना भावनात्मक रूप से खास माना जा रहा है।


पत्नी के पहले व्रत पर साथ पहुंचने की तैयारी

बताया जा रहा है कि अंबाला निवासी डॉक्टर की पत्नी इन दिनों कोलकाता में थीं। शादी के बाद पहली बार करवाचौथ पड़ने के कारण परिवार में इस पर्व को लेकर विशेष उत्साह था। डॉक्टर के लिए चुनौती यह थी कि चिकित्सकीय कामकाज के बीच लंबी दूरी तय कर समय पर पत्नी तक कैसे पहुंचा जाए। इसके बावजूद उन्होंने यात्रा की योजना बनाई और कोलकाता के लिए उड़ान भरी। करीबी लोगों के अनुसार, उनका मकसद सिर्फ पत्नी को सरप्राइज देना नहीं था, बल्कि व्रत खुलवाने और पूजा की रस्मों में साथ रहना भी था। पति के पहुंचने से पत्नी की खुशी बढ़ गई। इस पूरे प्रसंग ने यह संदेश भी दिया कि रिश्तों में छोटे दिखने वाले प्रयास कई बार बड़े मायने रखते हैं।


करवा चौथ का धार्मिक और पारिवारिक महत्व

करवा चौथ हिंदू कैलेंडर के कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी को मनाया जाता है। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना से दिनभर व्रत रखती हैं। शाम को करवा माता, भगवान गणेश और माता पार्वती की पूजा के बाद चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद पति के हाथों पानी पीकर व्रत खोलने की परंपरा है। कई परिवारों में पहली बार करवाचौथ रखने वाली नवविवाहिता के लिए विशेष पूजा, सरगी और सुहाग सामग्री की व्यवस्था की जाती है। बदलते समय में कुछ दंपती साथ में उपवास भी रखते हैं, लेकिन परंपरागत रूप से यह व्रत महिलाओं से जुड़ा पर्व माना जाता है। अंबाला के डॉक्टर की कोलकाता यात्रा इसी भावनात्मक परंपरा से जुड़ी घटना है।


सोशल मीडिया पर रिश्ते निभाने की चर्चा

डॉक्टर के कोलकाता जाने की खबर सामने आने के बाद लोगों ने इसे पति-पत्नी के रिश्ते में संवेदनशीलता और सहभागिता का उदाहरण बताया। आम तौर पर चिकित्सकों की ड्यूटी अनिश्चित और व्यस्त रहती है। ऐसे में त्योहार के लिए समय निकालना परिवार के लिए अलग महत्व रखता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करवाचौथ जैसे अवसर केवल रस्मों तक सीमित नहीं होते, बल्कि दंपती के बीच भरोसे और साथ का भाव मजबूत करते हैं। हालांकि इस मामले में यात्रा की पूरी जानकारी और दंपती की निजी प्रतिक्रिया सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। फिलहाल यह प्रसंग इसलिए चर्चा में है क्योंकि डॉक्टर ने दूरी और पेशेवर व्यस्तता को आड़े नहीं आने दिया। कोलकाता पहुंचकर पत्नी के साथ पहला करवाचौथ मनाने का उनका फैसला लोगों को भावुक कर रहा है।

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