आईआईटी दिल्ली से जुड़ा पहचान धोखाधड़ी मामला गरमाया, फर्जी व्यक्ति के खिलाफ FIR में कार्रवाई की मांग

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आईआईटी दिल्ली से जुड़े फर्जी पहचान मामले में FIR दर्ज, आरोपी पर संस्थान में घुसपैठ और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगे हैं।

राजधानी दिल्ली में एक चौंकाने वाला पहचान धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसने शैक्षणिक और स्टार्टअप जगत में हलचल मचा दी है। मामले में गौरव यादव नामक व्यक्ति पर आरोप है कि उसने फर्जी पहचान बनाकर प्रतिष्ठित संस्थानों, खासतौर पर आईआईटी दिल्ली में घुसपैठ की। उद्यमी संदीप कुमार मोहंती की शिकायत पर दर्ज FIR के आधार पर दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि आरोपी ने खुद को कंप्यूटर साइंस का छात्र बताकर कई लोगों का विश्वास हासिल किया और लंबे समय तक झूठी पहचान के सहारे सक्रिय रहा।


फर्जी डिग्री और कंपनियों से जुड़ाव का दावा

शिकायत के अनुसार, आरोपी ने 2021 से 2025 के बीच खुद को आईआईटी दिल्ली का छात्र बताया और फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों का सहारा लिया। उसने प्रतियोगी परीक्षा में रैंक और वैश्विक कंपनियों से जुड़े होने के झूठे दावे भी किए। इन दावों के जरिए उसने स्टार्टअप फाउंडर्स और निवेशकों के बीच अपनी विश्वसनीयता बनाई। आरोप है कि इसी झूठी पहचान के कारण कई लोगों को आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव झेलना पड़ा।


कैंपस में अवैध प्रवेश और गतिविधियां

FIR में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कथित रूप से फर्जी या अनुचित तरीके से प्राप्त पहचान पत्रों के जरिए आईआईटी दिल्ली परिसर में प्रवेश किया। इसके बाद उसने क्लास और सेमिनार में हिस्सा लिया, हॉस्टल और मेस सुविधाओं का उपयोग किया और छात्रों व फैकल्टी से संपर्क बनाए रखा। इससे संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।


जांच तेज, रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

मामले को वरिष्ठ अधिकारियों ने गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच के लिए संबंधित इकाई को सौंप दिया है। पुलिस अब CCTV फुटेज, एंट्री लॉग और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि आरोपी की गतिविधियों की पूरी सच्चाई सामने आ सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना संस्थानों में पहचान सत्यापन प्रणाली की कमजोरियों को उजागर करती है और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

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