भगवान के दर्शन से पहले खत्म हुआ जिंदगी का सफर, बुलंदशहर में दर्दनाक हादसे में तीन दोस्तों की मौत से मचा मातम

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बुलंदशहर में वृंदावन दर्शन के लिए जा रहे चार दोस्तों की कार हाईवे किनारे झाड़ियों में पलट गई। हादसे में तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर घायल है। पुलिस के मुताबिक हादसा तेज रफ्तार के कारण हुआ। घटना के बाद परिवारों में मातम पसरा हुआ है।

बुलंदशहर में बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। तेज रफ्तार ब्रेजा कार अनियंत्रित होकर मेरठ-बदायूं हाईवे किनारे झाड़ियों में जा गिरी। हादसा इतना भयानक था कि कार कई बार पलटी खाते हुए करीब 20 फीट दूर जाकर उलट गई। कार में सवार चार दोस्त बुरी तरह फंस गए और मदद के लिए तड़पते रहे। हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो दोस्तों ने अस्पताल ले जाते समय और इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। एक युवक गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। हादसे की खबर मिलते ही परिवारों में चीख-पुकार मच गई। बताया जा रहा है कि चारों दोस्त अचानक वृंदावन दर्शन के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में ही यह दर्दनाक हादसा हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद कार की छत और गेट काटकर घायलों को बाहर निकाला। हादसे के बाद हाईवे पर भीड़ जुट गई और हर कोई इस भयावह मंजर को देखकर सन्न रह गया।


रात में अचानक बनाया था वृंदावन जाने का प्लान

जानकारी के मुताबिक स्याना क्षेत्र के बड्डा वाजिदपुर गांव निवासी शिवम और दीपक अपने दोस्तों विशाल और आर्यन से बुधवार शाम को मिले थे। बातचीत के दौरान चारों ने अचानक वृंदावन दर्शन के लिए जाने का प्लान बना लिया। रात करीब साढ़े 12 बजे सभी दोस्त दीपक की ब्रेजा कार से वृंदावन के लिए रवाना हुए। शुरुआत में सफर सामान्य रहा, लेकिन बुलंदशहर मुख्यालय से करीब 22 किलोमीटर आगे पहुंचते ही कार का संतुलन बिगड़ गया। तेज रफ्तार होने के कारण चालक कार पर नियंत्रण नहीं रख सका और गाड़ी हाईवे से उतरकर झाड़ियों में जा गिरी। हादसे के दौरान कार कई बार पलटी खाती चली गई। आसपास अंधेरा होने की वजह से किसी को तुरंत हादसे की जानकारी नहीं मिल सकी। करीब आधे घंटे बाद राहगीरों की नजर झाड़ियों में जल रही कार की लाइटों पर पड़ी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।


कार में फंसे रहे चारों दोस्त, पुलिस ने काटकर निकाला

हादसे के बाद कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और चारों दोस्त उसके अंदर फंस गए। चालक दीपक स्टीयरिंग और इंजन के बीच दब गया था, जबकि बाकी दोस्त सीटों और गाड़ी की छत के बीच फंसे हुए थे। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों और राहगीरों ने मिलकर काफी मेहनत के बाद कार की छत और दरवाजे हटाए। इसके बाद घायलों को बाहर निकालकर एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। रास्ते में दीपक ने दम तोड़ दिया, जबकि आर्यन और शिवम की इलाज के दौरान मौत हो गई। विशाल की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे मेरठ रेफर किया गया है। हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में मातम छा गया। बताया जा रहा है कि दीपक और आर्यन नोएडा में एक मॉडल शॉप में काम करते थे। दोनों परिवार खेती से जुड़े हैं और अपने बच्चों की मौत से पूरी तरह टूट चुके हैं।


ओवरस्पीड बनी हादसे की वजह

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार सामने आई है। सीओ भास्कर मिश्रा के मुताबिक कार काफी स्पीड में थी, जिसके चलते चालक नियंत्रण खो बैठा। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर तेज रफ्तार के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन लोग अब भी लापरवाही बरत रहे हैं। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सावधानी की जरूरत को सामने ला दिया है। गांव में तीन युवकों की मौत के बाद शोक का माहौल बना हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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