गाजियाबाद में सरकारी जमीन पर बनी मजार पर चला बुलडोजर, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

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गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी में सरकारी जमीन पर बने कथित अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की। भारी पुलिस बल और पीएसी की मौजूदगी में मजार हटाने का अभियान चलाया गया। प्रशासन ने जांच के आधार पर कार्रवाई को नियमानुसार बताया।

गाजियाबाद में सरकारी जमीन पर बनी मजार पर चला बुलडोजर, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई

गाजियाबाद के ट्रोनिका सिटी क्षेत्र में रविवार को सरकारी जमीन पर कथित अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मजार को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात किए गए। प्रशासन का कहना है कि जांच में संबंधित निर्माण सरकारी भूमि पर पाया गया, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई। मौके पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई और आम लोगों की आवाजाही भी सीमित कर दी गई।


जांच में सरकारी जमीन पर मिला निर्माण

प्रशासन के अनुसार, सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण की शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई। लोनी के उपजिलाधिकारी और तहसील प्रशासन की जांच में सामने आया कि संबंधित मजार का निर्माण सरकारी भूमि पर किया गया था। इसके बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का निर्णय लिया। रविवार दोपहर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और बुलडोजर की मदद से निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र की निगरानी की गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न फैल सके।


पहले भी दिए गए थे नोटिस

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिस भूमि पर कार्रवाई की गई, उसका अधिग्रहण वर्ष 1989 में किया गया था। प्रशासन का दावा है कि वर्ष 2017 में भी अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद भी निर्माण जारी रहने और बाद के वर्षों में ढांचे का विस्तार होने की बात जांच में सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान करीब एक हजार पुलिसकर्मी और पीएसी की दो कंपनियां तैनात रहीं। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर आसपास के लोगों की आवाजाही नियंत्रित की गई। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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