दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, उम्रकैद के बाद फरार दो सगे भाई गिरफ्तार, एक आरोपी चर्चित हत्या मामले में भी वांछित

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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उम्रकैद की सजा के बाद 10 साल से फरार दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी मुंबई के चर्चित सुपारी किलिंग मामले में भी वांछित था। दोनों अलग-अलग राज्यों में पहचान बदलकर रह रहे थे।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लंबे समय से फरार चल रहे दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। दोनों भाइयों को पहले ही हत्या के एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई जा चुकी थी, लेकिन जमानत मिलने के बाद वे अदालत के समक्ष दोबारा पेश नहीं हुए और करीब 10 वर्षों तक अलग-अलग राज्यों में पहचान बदलकर छिपे रहे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 56 वर्षीय फिरासत अली और 51 वर्षीय शाहनवाज अली के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के रहने वाले हैं। पुलिस ने दोनों को एक साथ उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और झारखंड के गोड्डा में छापेमारी कर गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि एक आरोपी मुंबई के चर्चित सुपारी किलिंग मामले में भी वांछित था, जहां शव के टुकड़े कर अलग-अलग स्थानों पर फेंकने का आरोप है।


1996 की हत्या में मिली थी उम्रकैद, जमानत के बाद हो गए थे फरार

पुलिस के अनुसार मामला वर्ष 1996 का है, जब दिल्ली के राजौरी गार्डन क्षेत्र के रघुबीर नगर में कपड़े के बाजार में हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया था। आरोप है कि साड़ी खरीदने को लेकर हुए झगड़े के बाद शाहनवाज अली अपने भाई फिरासत अली और अन्य साथियों के साथ पड़ोसी इश्तियाक अहमद के घर पहुंचा और चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में इश्तियाक की मौत हो गई, जबकि उसके दो भाई गंभीर रूप से घायल हुए थे। वर्ष 2000 में अदालत ने दोनों भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई। बाद में हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर वे बाहर आ गए, लेकिन वर्ष 2016 में अपील खारिज होने और सरेंडर का आदेश मिलने के बावजूद दोनों फरार हो गए। इसके बाद पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी।


मुंबई के चर्चित सुपारी किलिंग केस से भी जुड़ा आरोपी

जांच में सामने आया कि जमानत पर बाहर रहने के दौरान फिरासत अली पर वर्ष 2006 में मुंबई में एक सनसनीखेज हत्या का आरोप भी लगा। पुलिस के मुताबिक एक महिला ने अपने पति की हत्या कराने के लिए कथित तौर पर दो लाख रुपये की सुपारी दी थी। आरोप है कि हत्या के बाद शव की पहचान छिपाने के लिए उसके अंग अलग-अलग कर फेंक दिए गए। इस मामले में भी फिरासत को बाद में जमानत मिली, लेकिन वह अदालत में पेश नहीं हुआ और भगोड़ा घोषित कर दिया गया। हालिया कार्रवाई में दिल्ली पुलिस की दो टीमों ने एक साथ दो राज्यों में छापेमारी कर दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि वे लगातार ठिकाने बदल रहे थे और पहचान छिपाने के लिए पुराने कपड़ों का कारोबार कर रहे थे। फिलहाल दोनों को तिहाड़ जेल भेज दिया गया है, जबकि मुंबई पुलिस को भी फिरासत की गिरफ्तारी की सूचना दे दी गई है।

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