फरीदाबाद में मातम! गटर में गिरे दो लोग, एक का शव मिला, दूसरे की तलाश
- Babli Ansari
- 10 Aug, 2026
फरीदाबाद। सेक्टर-25 इलाके में देर रात गटर में गिरने की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जिनमें से एक शव पुलिस ने बरामद कर लिया है, जबकि दूसरे की तलाश अभी जारी है। मौके पर पहुंची पुलिस और बचाव दल ने रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन गहरे पानी और फिसलन भरे हालात ने काम मुश्किल कर दिया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह इलाका लंबे समय से जलभराव और खुली नालियों की समस्या से जूझ रहा है। हादसे के बाद लोगों में गुस्सा भी है और सवाल भी कि आखिर ऐसी जगहों पर सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए।
हादसे के बाद रातभर चला सर्च ऑपरेशन
सूत्रों के अनुसार, गटर में गिरने के बाद दोनों व्यक्तियों को निकालने के लिए पुलिस ने फायर ब्रिगेड और स्थानीय गोताखोरों की मदद ली। एक शव को देर रात बाहर निकाल लिया गया, जिसके बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। दूसरे व्यक्ति की तलाश के लिए आसपास के नाले, निकासी पाइप और पानी के बहाव वाले हिस्सों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने मौके को घेरकर लोगों की आवाजाही सीमित कर दी ताकि राहत कार्य में बाधा न आए। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त वहां रोशनी भी कम थी और नाले के किनारे कोई मजबूत बैरिकेडिंग नहीं थी, जिससे हादसा और गंभीर हो गया।
खुली नालियां और जलभराव बना बड़ा खतरा
फरीदाबाद में बरसात के मौसम में जलभराव और नालों की सफाई को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें सामने आ चुकी हैं। हाल के दिनों में अलग-अलग हिस्सों में पानी निकासी की धीमी रफ्तार और खुले ड्रेनों की वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। ओल्ड फरीदाबाद अंडरपास में पानी 48 घंटे तक भरा रहने जैसी घटनाओं ने नगर निकाय व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे। इसी पृष्ठभूमि में सेक्टर-25 की यह घटना प्रशासन के लिए एक और चेतावनी मानी जा रही है। स्थानीय निवासी अब मांग कर रहे हैं कि संवेदनशील जगहों पर तुरंत बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और नियमित निगरानी की जाए, ताकि इस तरह की जानलेवा घटनाएं दोबारा न हों।
प्रशासन पर उठे सवाल, परिवारों में मातम
घटना के बाद दोनों मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है। पुलिस ने शव मिलने के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और दूसरे शव की बरामदगी के लिए ड्रेनेज नेटवर्क की बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच के बाद ही यह साफ होगा कि दोनों व्यक्ति किन हालात में गटर में गिरे और क्या वहां किसी तरह की लापरवाही थी। उधर, आसपास रहने वाले लोग इस बात से नाराज हैं कि शिकायतों के बावजूद ऐसे खतरनाक स्थानों को खुले छोड़ दिया जाता है। उनका कहना है कि अगर समय रहते ढक्कन, जाली और रोशनी की व्यवस्था कर दी जाती, तो शायद यह हादसा टल सकता था।
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