गाजियाबाद में जलभराव और जाम से राहत के लिए तीन नए नाले बनाए जाएंगे
- Babli Ansari
- 11 Aug, 2026
गाजियाबाद। ट्रांस हिंडन के लोगों को जलभराव और जाम से जल्द राहत मिलने की उम्मीद जगी है। नगर निगम ने इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा और आसपास के इलाकों में पानी निकासी की हालत सुधारने के लिए तीन नए नाले बनाने की तैयारी तेज कर दी है। हाल की हल्की और तेज बारिश में सड़कें पानी से लबालब हो गईं, बेसमेंट तक पानी पहुंचा और कई कॉलोनियों में ट्रैफिक रेंगता रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या नई नहीं है, लेकिन इस बार बारिश ने पुरानी कमजोरियों को फिर खुलकर सामने ला दिया। अधिकारी अब ऐसे प्वाइंट चिन्हित कर रहे हैं, जहां से पानी निकलने का स्थायी रास्ता तैयार किया जा सके।
तीन नालों से जुड़ेगा बड़ा हिस्सा
जानकारी के मुताबिक, प्रस्तावित नालों को ऐसे तैयार किया जाएगा कि वे जलभराव वाले प्रमुख रिहायशी और व्यावसायिक हिस्सों का पानी मुख्य निकासी तंत्र तक पहुंचा सकें। ट्रांस हिंडन में पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश के बाद इंदिरापुरम की विधायक कॉलोनी, वैशाली सेक्टर, न्याय खंड और वसुंधरा के कुछ हिस्सों में पानी भरने की शिकायतें सामने आई थीं। अमर उजाला और लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्टों में भी बेसमेंट, सड़कों और सोसाइटी के निचले हिस्सों में पानी जमा होने की तस्वीरें सामने आईं। अधिकारियों के मुताबिक, जहां-जहां पानी बार-बार रुकता है, वहां कनेक्टिंग ड्रेनों की कमी सबसे बड़ी दिक्कत बन रही है।
नगर निगम का आकलन है कि मौजूदा ड्रेनेज नेटवर्क कई जगह आबादी के दबाव के मुकाबले कमजोर पड़ रहा है। बारिश का पानी निकासी के रास्ते में अटकता है और फिर सड़कों पर फैल जाता है। यही वजह है कि कई इलाकों में थोड़ी देर की बारिश भी बड़ा संकट बन जाती है। सूत्रों के अनुसार, नए नालों की डिजाइन में ढलान, आउटफॉल और सफाई पहुंच को ध्यान में रखा जा रहा है, ताकि पानी एक जगह जमा न हो। प्रशासन का फोकस अब केवल तात्कालिक पंपिंग पर नहीं, बल्कि ऐसे ढांचे पर है जो अगले मानसून में भी काम कर सके।
पुरानी शिकायतें और नई चुनौती
यह पूरा मामला सिर्फ बारिश का नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही शहरी निकासी व्यवस्था की कमजोरी का है। स्थानीय निवासी लगातार शिकायत करते रहे हैं कि हल्की बरसात में भी गलियों में पानी भर जाता है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकलता। अमर उजाला की रिपोर्ट में आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने बताया कि कई बार शिकायत देने के बावजूद जलनिकासी की हालत नहीं सुधरी। दूसरी तरफ, लाइव हिंदुस्तान ने यह भी बताया कि बारिश के साथ तापमान और उमस से लोगों की परेशानी दोहरी हो गई। गाजियाबाद जैसे तेजी से फैलते शहर में सड़क, नाली और आबादी का संतुलन बिगड़ने पर ऐसी दिक्कतें और गहरी हो जाती हैं।
इधर मौसम विभाग ने भी फिलहाल छिटपुट बारिश की संभावना जताई है, यानी जलभराव का खतरा अभी टला नहीं है। ऐसे में तीन नए नाले केवल परियोजना नहीं, बल्कि शहर की रोजमर्रा की राहत से जुड़े कदम के तौर पर देखे जा रहे हैं। विभागीय स्तर पर अब जमीन, आउटलेट और निर्माण लागत को लेकर तकनीकी फाइलें आगे बढ़ाई जा रही हैं। स्थानीय लोगों की नजर इस पर टिकी है कि काम कागज से निकलकर जमीन पर कब दिखेगा। फिलहाल उम्मीद यही है कि इस बार योजना सिर्फ घोषणा तक सीमित न रहे और ट्रांस हिंडन की सड़कों को सचमुच पानी से छुटकारा मिले।
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