गाजियाबाद में नवजात बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पति-पत्नी समेत 7 गिरफ्तार, 4 लाख में होता था बच्चे का सौदा

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गाजियाबाद में नवजात बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। टीला मोड़ पुलिस ने पति-पत्नी समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। करीब तीन महीने के बच्चे को शामली में बेचने की तैयारी थी, जिसे पुलिस ने समय रहते बरामद कर परिजनों को सौंप दिया।

गाजियाबाद में नवजात और दूधमुंहे बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। टीला मोड़ थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पति-पत्नी समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, गिरोह से जुड़ी दो महिलाएं अभी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पुलिस ने तस्करी के लिए ले जाए जा रहे बच्चों को समय रहते बरामद कर लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निशाना बनाता था। बच्चों की जानकारी जुटाने के बाद उनकी तस्वीरें खींचकर मोबाइल संदेशों के जरिए गिरोह के सदस्यों और संभावित खरीदारों तक भेजी जाती थीं। इसके बाद बच्चे की कीमत तय कर उसे दूसरे जिलों में बेचने की तैयारी की जाती थी।


कमजोर परिवारों को बनाते थे निशाना

पुलिस जांच के मुताबिक, गिरोह के सदस्य ऐसे परिवारों की तलाश करते थे जो आर्थिक रूप से कमजोर हों और किसी मजबूरी के कारण अपने बच्चों को लेकर दबाव में हों। नवजात या छोटे बच्चों की जानकारी मिलने के बाद गिरोह के लोग उनकी तस्वीरें और दूसरी जानकारी आपस में साझा करते थे। इसके बाद मोबाइल संदेशों के माध्यम से संभावित खरीदारों से संपर्क किया जाता था। बच्चे की उम्र और दूसरे पहलुओं के आधार पर रकम तय होने के बाद उसे दूसरे जनपद में पहुंचाने की तैयारी होती थी। पुलिस का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क में कई लोगों की भूमिका सामने आई है और अब उन सभी की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, जो बच्चों की खरीद-फरोख्त से जुड़े हो सकते हैं।


चार लाख रुपये में बच्चे का सौदा

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरोह में शामिल नौशाद के भाई ने कथित तौर पर सबसे पहले अपना बच्चा बेचने की शुरुआत की थी। इसके बाद धीरे-धीरे अन्य लोग भी इस अवैध धंधे से जुड़ते चले गए। पुलिस के अनुसार, एक बच्चे का सौदा करीब चार लाख रुपये में किया गया था। इसी नेटवर्क के जरिए करीब तीन महीने के एक बच्चे को शामली में बेचने की तैयारी चल रही थी। पुलिस को इसकी जानकारी मिली तो टीम ने समय रहते कार्रवाई की और बच्चे को बरामद कर लिया। पुलिस के मुताबिक बच्चे को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।


दो महिलाएं अभी फरार, नेटवर्क की जांच जारी

टीला मोड़ पुलिस ने मामले में पति-पत्नी समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं दो महिलाएं अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इन मोबाइल फोन में मौजूद जानकारी और संपर्कों की जांच कर रही है, ताकि गिरोह के नेटवर्क का पता लगाया जा सके। पुलिस संभावित खरीदारों के साथ-साथ दूसरे जनपदों में सक्रिय लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल बच्चों को सुरक्षित बरामद करना पुलिस की कार्रवाई की सबसे अहम सफलता मानी जा रही है।

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