गुरुग्राम में गैंगवार की बड़ी साजिश नाकाम, रोहित गोदारा-लिपिन नेहरा गैंग से जुड़े 6 बदमाश गिरफ्तार, 4 विदेशी पिस्टल बरामद

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गुरुग्राम पुलिस ने गैंगवार की कथित साजिश नाकाम करते हुए रोहित गोदारा और लिपिन नेहरा गैंग से जुड़े छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने चार विदेशी पिस्टल, दो देसी पिस्टल, राइफल, 33 कारतूस और नौ मैगजीन बरामद की हैं।

गुरुग्राम। गुरुग्राम पुलिस की अपराध शाखा सोहना ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर रोहित गोदारा और लिपिन नेहरा गैंग से जुड़े छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पुरानी रंजिश के चलते विरोधी गैंग के दो लोगों की हत्या की साजिश रच रहे थे। समय रहते पुलिस ने कार्रवाई कर कथित साजिश को नाकाम कर दिया। आरोपियों के कब्जे से चार विदेशी पिस्टल, दो देसी पिस्टल, एक राइफल, 33 जिंदा कारतूस और नौ मैगजीन बरामद की गई हैं। बरामद विदेशी हथियारों में एक जिगाना और तीन PX30 पिस्टल शामिल हैं। पुलिस ने हथियारों और अन्य सामान की कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई है। कार्रवाई के दौरान एक स्कॉर्पियो गाड़ी भी बरामद की गई। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गैंग से जुड़े अन्य लोगों, हथियार सप्लायरों और संभावित शूटर्स की तलाश में जुटी है।


पुरानी रंजिश में दो लोगों को निशाना बनाने की थी तैयारी

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की योजना विरोधी पक्ष के दो लोगों को निशाना बनाने की थी। इसके लिए उन्होंने कथित तौर पर अवैध हथियार और कारतूस जुटाए थे। अपराध शाखा को इनपुट मिलने के बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो गुरुग्राम में गैंगवार की बड़ी वारदात हो सकती थी। पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारी के आधार पर पुलिस गिरोह के नेटवर्क और आरोपियों की गतिविधियों की कड़ियां जोड़ रही है। मामले में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हथियार कहां से खरीदे गए और हत्या की कथित साजिश में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे।


चार विदेशी पिस्टल समेत भारी मात्रा में हथियार बरामद

गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने चार विदेशी पिस्टल बरामद की हैं। इनमें एक जिगाना और तीन PX30 पिस्टल शामिल हैं। इसके अलावा दो देसी पिस्टल, एक राइफल, 33 जिंदा कारतूस और नौ मैगजीन भी मिली हैं। पुलिस ने हथियारों की कुल कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई है। बरामदगी के साथ एक स्कॉर्पियो गाड़ी भी पुलिस ने कब्जे में ली है। हथियारों की इतनी बड़ी खेप मिलने के बाद पुलिस अब इनके स्रोत और सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए आरोपियों से पूछताछ जारी है।


अलग-अलग जगहों से हुई आरोपियों की गिरफ्तारी

पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त को अलीपुर मोड़, भोंडसी क्षेत्र से सलीम, मोहित, नरेंद्र उर्फ सोनू और ललित को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के बाद उसी दिन दयाराम को भी गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, 24 अगस्त को आर्यन उर्फ रितेश को हरियाहेड़ा मोड़, भोंडसी से पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सलीम निवासी हरियाहेड़ा, सोहना, मोहित निवासी मान्दक, टप्पल अलीगढ़, नरेंद्र उर्फ सोनू निवासी अलीपुर, सोहना, ललित निवासी रानियावास, कोटकासिम अलवर, दयाराम निवासी भूड़का, बिलासपुर और आर्यन उर्फ रितेश निवासी जटवाड़ा, सालावास झज्जर के रूप में हुई है।


आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया

पुलिस जांच में आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार नरेंद्र उर्फ सोनू के खिलाफ 21, सलीम के खिलाफ 10, मोहित के खिलाफ दो, आर्यन उर्फ रितेश के खिलाफ चार और दयाराम के खिलाफ पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, लूट-डकैती, आपराधिक साजिश, धमकी और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर धाराओं के मामले शामिल बताए गए हैं। पुलिस अब आरोपियों के पुराने मामलों और वर्तमान मामले के बीच संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है।


विदेश में बैठे सहयोगियों से संपर्क का दावा

पूछताछ के दौरान पुलिस को कथित तौर पर यह जानकारी मिली कि गिरोह के सदस्य विदेश में मौजूद सहयोगियों और भारत में सक्रिय लोगों के संपर्क में सोशल मीडिया तथा अन्य संचार माध्यमों के जरिए रहते थे। पुलिस के मुताबिक, नए और पुराने अपराधियों को गिरोह से जोड़कर रंगदारी वसूलने, हथियार जुटाने और शूटर्स के जरिए वारदात कराने की योजनाएं बनाई जाती थीं। रंगदारी से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कथित तौर पर हथियार और कारतूस खरीदने तथा फरार आरोपियों की मदद में किया जाता था। पुलिस फिलहाल गिरोह के अन्य सदस्यों और इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

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