डासना जेल में भी गूंजेगा कान्हा के जन्म का उल्लास, जन्माष्टमी पर कैदियों को मिलेगा बुराई और नशा छोड़ नई जिंदगी का संदेश
- Shiv Kumar
- 01 Sep, 2026
गाजियाबाद। देशभर में जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। मंदिरों और घरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियां हो रही हैं। इसी कड़ी में गाजियाबाद की डासना जेल में भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को खास अंदाज में मनाने की तैयारी है। जेल परिसर में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों पर आधारित झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी। इस आयोजन का मकसद केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि बंदियों को जीवन में सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा देना भी है।
धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सजेंगी आकर्षक झांकियां
डासना जेल के अधीक्षक सीताराम शर्मा ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी जेल परिसर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित होंगी। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े प्रसंगों को झांकियों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। इन प्रस्तुतियों के जरिए बंदियों को श्रीकृष्ण के जीवन, उनके विचारों और उनके संदेशों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। आयोजन में पुरुष बंदियों के साथ महिला बंदियों की भी भागीदारी रहेगी।
नशे और नकारात्मक सोच से दूर रहने का संदेश
जेल अधीक्षक के मुताबिक जन्माष्टमी का यह आयोजन बंदियों के लिए आत्मचिंतन और सुधार का अवसर भी बनेगा। उन्हें बुरी आदतों, नशे, दुर्भावना और नकारात्मक सोच से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा। खासतौर पर नशे की लत से जूझ रहे बंदियों को सकारात्मक जीवन की ओर बढ़ने का संदेश दिया जाएगा। धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए यह समझाने की कोशिश होगी कि इंसान अपनी परिस्थितियों से ऊपर उठकर अपने विचार और व्यवहार में बदलाव कर सकता है।
महिला और पुरुष बंदी होंगे कार्यक्रम में शामिल
इस बार जन्माष्टमी के आयोजन में डासना जेल के पुरुष और महिला दोनों बंदियों को शामिल किया जाएगा। जेल प्रशासन का मानना है कि सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियां बंदियों के भीतर सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद कर सकती हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से उन्हें यह संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि कठिन परिस्थितियां जीवन का अंत नहीं होतीं। सही सोच और प्रयास से व्यक्ति अपनी जिंदगी को नई दिशा दे सकता है। कार्यक्रम के दौरान बंदियों को समाज की मुख्यधारा में लौटने की प्रेरणा भी दी जाएगी।
गलती के बाद सुधार की राह दिखाएगा जन्मोत्सव
डासना जेल में मनाया जाने वाला श्रीकृष्ण जन्मोत्सव इस बार केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहेगा। जेल प्रशासन इसे बंदियों के बीच उम्मीद और सुधार का संदेश पहुंचाने के अवसर के रूप में देख रहा है। आयोजन के जरिए उन्हें समझाया जाएगा कि अतीत की गलतियां जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं हैं। व्यक्ति अपनी सोच और व्यवहार बदलकर आगे बेहतर जीवन की शुरुआत कर सकता है। जन्माष्टमी का संदेश यही रहेगा कि नशे, बुराई और दुर्भावना को छोड़कर सकारात्मक रास्ते पर बढ़ना ही जीवन को नई दिशा देने का सबसे बेहतर तरीका है।
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