NRI हाउसिंग लोन धोखाधड़ी मामले में ED का बड़ा एक्शन, दिल्ली-NCR समेत 3 शहरों में 13 ठिकानों पर छापेमारी

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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने NRI हाउसिंग लोन धोखाधड़ी मामले में दिल्ली-NCR, बेंगलुरु और चंडीगढ़ के 13 ठिकानों पर तलाशी ली। जांच कथित फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोन हासिल करने से जुड़ी है। नोएडा में भी तलाशी जारी है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने NRI हाउसिंग लोन धोखाधड़ी मामले में 23 अक्टूबर 2026 को बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी की टीमों ने दिल्ली-NCR, बेंगलुरु और चंडीगढ़ में कुल 13 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अनिवासी भारतीयों (NRI) के नाम पर हाउसिंग लोन हासिल करने से जुड़ा है। नोएडा में भी ED की तलाशी जारी होने की जानकारी सामने आई है। जांच के दौरान एजेंसी दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। मामले के दायरे में NCR की दो रियल एस्टेट कंपनियां, Antriksh Promoters and Developers Private Limited और Sunshine Infrawell Private Limited भी शामिल बताई गई हैं। फिलहाल, छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ और कथित धोखाधड़ी में किन लोगों की भूमिका सामने आई है, इस बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।


दिल्ली-NCR, बेंगलुरु और चंडीगढ़ में तलाशी अभियान

जानकारी के मुताबिक, ED ने 23 अक्टूबर को तीन क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई करते हुए 13 ठिकानों की तलाशी ली। इनमें दिल्ली-NCR के ठिकाने भी शामिल हैं और नोएडा में एजेंसी की कार्रवाई जारी होने की बात कही गई है। तलाशी अभियान का उद्देश्य कथित हाउसिंग लोन धोखाधड़ी से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की जानकारी जुटाना बताया गया है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोन हासिल करने की प्रक्रिया कैसे संचालित हुई और इसमें किन व्यक्तियों या संस्थाओं की भूमिका हो सकती है। हालांकि, तलाशी के दौरान मिली सामग्री या किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी के संबंध में फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।


जांच के दायरे में NCR की दो रियल एस्टेट कंपनियां

इस मामले में Antriksh Promoters and Developers Private Limited और Sunshine Infrawell Private Limited के नाम भी जांच के दायरे में बताए गए हैं। दोनों कंपनियों से जुड़े ठिकानों या व्यक्तियों के संबंध में एजेंसी की ओर से विस्तृत जानकारी उपलब्ध होने पर मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कंपनियों के किन अधिकारियों या अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की गई है और तलाशी में कौन से दस्तावेज मिले हैं। किसी कंपनी का जांच में नाम आना अपने आप में उसके दोषी होने का प्रमाण नहीं है। कथित वित्तीय अनियमितताओं की वास्तविक प्रकृति और जिम्मेदारी का निर्धारण जांच के निष्कर्षों तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।


दस्तावेजों और कथित वित्तीय लेनदेन की पड़ताल जारी

ED की टीम मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। एजेंसी का मुख्य फोकस कथित तौर पर फर्जी कागजात के जरिए NRI के नाम पर हाउसिंग लोन हासिल करने से जुड़े तथ्यों का पता लगाना है। जांच में संबंधित लेनदेन, दस्तावेजों और संभावित लाभार्थियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकती है। हालांकि, अभी तक छापेमारी के नतीजों, कथित धोखाधड़ी की कुल रकम या किसी संभावित आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। जांच एजेंसी की ओर से अतिरिक्त जानकारी जारी किए जाने के बाद मामले में कथित वित्तीय अनियमितताओं और संबंधित पक्षों की भूमिका को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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