दिल्ली के मिलन गार्डन में पुरानी इमारत की छत ढही, नई मंजिल बनाने के दौरान हादसे में दो की मौत

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दिल्ली के हर्ष विहार स्थित मिलन गार्डन में पुराने मकान के ऊपर नई मंजिल बनाने के दौरान छत का हिस्सा ढह गया। हादसे में दो लोग मलबे में दब गए। रातभर चले बचाव अभियान के बाद सोमवार सुबह दोनों के शव निकाले गए।

दिल्ली के हर्ष विहार इलाके में एक पुराने मकान की छत का हिस्सा गिरने से बड़ा हादसा हो गया। मिलन गार्डन में मकान के ऊपर नई मंजिल बनाने का काम चल रहा था। इसी दौरान छत का हिस्सा ढह गया और नई स्लैब भी नीचे गिर गई। हादसे में दो लोग मलबे के नीचे दब गए। सूचना मिलने के बाद दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, NDRF और सिविल डिफेंस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया। रविवार शाम शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन रातभर चला। सोमवार सुबह मलबे से दोनों लोगों के शव निकाले गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा। दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा और आशीष सूद ने भी घटनास्थल का दौरा किया। इस घटना ने पुराने मकानों में निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा इंतजामों और इमारतों की मजबूती को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।


मकान में नई मंजिल बनाने के दौरान ढहा हिस्सा

जानकारी के मुताबिक, हादसा हर्ष विहार के मिलन गार्डन इलाके में उस समय हुआ, जब एक पुराने मकान के ऊपर नई मंजिल बनाने का काम चल रहा था। इसी दौरान मकान की छत का एक हिस्सा ढह गया। इसके साथ ही नई बनाई जा रही स्लैब भी गिर गई और मलबा नीचे आ गया। इस दौरान दो लोग मलबे में दब गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय स्तर पर मदद के प्रयास शुरू हुए और संबंधित विभागों को सूचना दी गई। हादसे के बाद बचाव दलों ने मलबे में फंसे लोगों को तलाशने के लिए अभियान चलाया। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि छत का हिस्सा गिरने की तकनीकी वजह क्या थी। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, इसकी जानकारी भी सामने नहीं आई है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जरूरी होगी।


पुलिस, दमकल और NDRF ने रातभर चलाया बचाव अभियान

हादसे की सूचना मिलने के बाद दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव कार्य में NDRF और सिविल डिफेंस की टीमों को भी लगाया गया। मलबे में दबे लोगों तक पहुंचने के लिए रविवार शाम से अभियान शुरू किया गया, जो रातभर जारी रहा। बचावकर्मियों ने मलबे को हटाकर लोगों को तलाशने का प्रयास किया। लंबे अभियान के बाद सोमवार सुबह दोनों लोगों के शव बाहर निकाले गए। हादसे में दो लोगों की मौत से इलाके में शोक का माहौल है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर मृतकों की पहचान और उनकी उम्र का विवरण स्पष्ट नहीं है। बचाव अभियान पूरा होने के बाद हादसे से जुड़े तथ्यों की जांच और मकान की स्थिति का आकलन अहम होगा, ताकि यह पता चल सके कि निर्माण के दौरान किन परिस्थितियों में छत और स्लैब गिरी।


मंत्रियों ने घटनास्थल का दौरा किया, इमारतों की सुरक्षा पर सवाल

हादसे के बाद दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा और आशीष सूद ने घटनास्थल का दौरा किया। इस घटना ने पुराने मकानों में अतिरिक्त मंजिल बनाने और निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुराने भवनों पर नई मंजिल बनाने से पहले उनकी संरचनात्मक मजबूती का आकलन और निर्माण के दौरान जरूरी सुरक्षा उपाय महत्वपूर्ण होते हैं। हालांकि, इस मामले में हादसे की वजह और किसी संभावित लापरवाही को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मकान की छत का हिस्सा किन कारणों से ढहा और क्या निर्माण प्रक्रिया में किसी तरह की चूक हुई थी। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर इमारतों की सुरक्षा और निर्माण कार्यों की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

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