छठ पर्व से पहले यमुना में उतरे मनोज तिवारी, केजरीवाल से पूछा- क्या उन्होंने 10 साल में कभी डुबकी लगाई?

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दिल्ली में छठ से पहले यमुना की सफाई को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने सोनिया विहार में नदी में डुबकी लगाई और अरविंद केजरीवाल को चुनौती दी। आप ने यमुना के प्रदूषित होने का दावा किया है।

दिल्ली में छठ महापर्व से पहले यमुना की सफाई को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। उत्तर-पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने गुरुवार को सोनिया विहार में यमुना नदी में डुबकी लगाई और तैरते हुए सफाई को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने इसे यमुना की सफाई का ‘रील बनाम रियलिटी टेस्ट’ बताया। इसके बाद भाजपा ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी यमुना में डुबकी लगाने की चुनौती दी। भाजपा का दावा है कि रेखा गुप्ता सरकार ने करीब दो साल से कम समय में यमुना के बड़े हिस्से को साफ किया है। वहीं, आम आदमी पार्टी का आरोप है कि नदी अब भी प्रदूषित है और झाग खत्म करने के लिए केमिकल का छिड़काव किया जा रहा है। ऐसे में छठ से पहले यमुना की सफाई का मुद्दा एक बार फिर दिल्ली की राजनीति के केंद्र में आ गया है।


सोनिया विहार में नाव से निरीक्षण के बाद यमुना में उतरे मनोज तिवारी

मनोज तिवारी ने गुरुवार को पहले नाव से सोनिया विहार में यमुना का निरीक्षण किया और फिर नदी में डुबकी लगाई। इस दौरान वह मीडिया कैमरों के सामने तैरते भी नजर आए। दिल्ली भाजपा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी अपने लंबे शासन के दौरान यमुना को साफ नहीं कर सकीं, जबकि भाजपा सरकार ने दो साल से कम समय में आधे से अधिक दिल्ली में नदी को साफ कर दिया है। पार्टी ने कहा कि बाकी हिस्से की सफाई भी जल्द पूरी कर ली जाएगी। भाजपा ने केजरीवाल को संबोधित करते हुए पूछा कि वह यमुना में डुबकी लगाने कब आएंगे। यह चुनौती 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले केजरीवाल की ओर से यमुना में डुबकी लगाने की बात कहे जाने के संदर्भ में दी गई।


मनोज तिवारी बोले- यमुना के किनारे मनाएं छठ

मनोज तिवारी ने दावा किया कि रेखा गुप्ता सरकार ने यमुना के करीब 30 किलोमीटर हिस्से को स्वच्छ कर दिया है। उन्होंने दिल्ली के लोगों से यमुना किनारे छठ मनाने की अपील की। तिवारी ने कहा कि छठ की मूल भावना जल संरक्षण और जल की स्वच्छता से जुड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि लोग पार्कों में गड्ढे बनाकर छठ मनाते हैं तो यह उनकी आस्था का विषय है, लेकिन यमुना किनारे पर्व मनाने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे पहले 18 अक्टूबर को तिवारी ने यमुना के जल से आचमन किया था। छठ से पहले आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की ओर से नदी की स्थिति पर सवाल उठाए जाने के बाद उन्होंने नेताओं को यमुना के किनारे आकर वास्तविक स्थिति देखने की खुली चुनौती दी थी।


यमुना की सफाई पर भाजपा और आप के दावे आमने-सामने

यमुना की सफाई को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच लंबे समय से आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। भाजपा का कहना है कि उसकी सरकार ने नदी की सफाई में प्रगति की है और अब यमुना का बड़ा हिस्सा पहले से बेहतर स्थिति में है। दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी का आरोप है कि यमुना अब भी प्रदूषित है और झाग हटाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है। दोनों दलों के दावों के बीच नदी की वास्तविक स्थिति को लेकर बहस जारी है। यमुना के पानी की गुणवत्ता का आकलन प्रदूषण संबंधी जांच और आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर किया जाता है। केवल नदी में स्नान करने से पानी की गुणवत्ता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती।


2024 में वीरेंद्र सचदेवा ने भी यमुना में लगाई थी डुबकी

अक्टूबर 2024 में दिल्ली भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी यमुना की सफाई को लेकर आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए आईटीओ घाट पर डुबकी लगाई थी। उन्होंने उस समय नदी की गंदगी और सफाई के नाम पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। डुबकी लगाने के बाद सचदेवा को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। उन्होंने त्वचा संबंधी समस्याओं की शिकायत की थी। अब छठ महापर्व से पहले मनोज तिवारी की डुबकी के बाद यमुना की सफाई का मुद्दा फिर चर्चा में है। भाजपा इसे अपनी सरकार के काम का प्रमाण बता रही है, जबकि आम आदमी पार्टी नदी के प्रदूषण को लेकर सवाल उठा रही है।

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