अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच ईरान का ऐलान, होर्मुज स्ट्रेट की देखरेख अब अपने तरीके से होगी, अमेरिका पर भरोसा नहीं

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ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव बढ़ गया है। ईरान ने इस अहम समुद्री मार्ग पर सख्त रुख अपनाया है, जबकि अमेरिका ने कुछ प्रतिबंधों में ढील दी है। वैश्विक तेल बाजार पर असर की आशंका बढ़ी है।

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा बयान सामने आया है, जिससे वैश्विक तेल बाजार और समुद्री व्यापार पर तनाव और बढ़ गया है।


होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का सख्त रुख

ईरान की संसद अध्यक्ष और प्रमुख वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने साफ कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट अब पहले जैसी स्थिति में नहीं लौटेगा। उन्होंने संकेत दिया कि इस अहम समुद्री मार्ग की निगरानी और नियंत्रण ईरान अपने तरीके से करेगा, हालांकि अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं है और आगे भी सतर्कता बनाए रखेगा। इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है।


अमेरिका-ईरान बातचीत और नए फैसले

स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच तकनीकी स्तर की बातचीत के बाद कई अहम बातें सामने आई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने ईरानी तेल और पेट्रोकेमिकल निर्यात पर कुछ प्रतिबंधों में 60 दिन की ढील दी है। इसके साथ ही दोनों पक्षों ने आगे की बातचीत के लिए उच्च स्तरीय कमेटी और चार टास्क ग्रुप बनाने पर सहमति जताई है। इन ग्रुप्स में परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध हटाने, आर्थिक विकास और समझौते की निगरानी जैसे मुद्दों पर काम होगा।


वैश्विक प्रतिक्रिया और बढ़ती हलचल

इस पूरे घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने वार्ता को सकारात्मक बताया है, जबकि अमेरिका और कतर मिलकर ईरान के फंसे हुए फंड को मानवीय उपयोग के लिए जारी करने की योजना पर काम कर रहे हैं। वहीं होर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकरों की आवाजाही भी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है, हालांकि यह अभी पहले के स्तर से कम है।


ईरान की सेना अलर्ट, अमेरिका का दावा खारिज

ईरान ने स्पष्ट किया है कि बातचीत के बावजूद उसकी सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। वहीं पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परमाणु जांच संबंधी दावे को ईरान ने खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि परमाणु मुद्दे पर कोई नई सहमति नहीं बनी है और राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं किया जाएगा।

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