कैप्टन स्मित को नेतन्याहू का फोन, पीएम मोदी के साथ अगले स्वतंत्रता दिवस पर इजराइल आने का न्योता

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इजराइली पीएम नेतन्याहू ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से फोन पर बात कर उनके साहस की तारीफ की। उन्होंने स्मित और पीएम मोदी को इजराइल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने का न्योता दिया।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फ्लाईदुबई एयरलाइन के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से करीब छह मिनट फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने स्मित के साहस और सूझबूझ की तारीफ करते हुए उन्हें भारत और इजराइल के लोगों का सच्चा हीरो बताया। नेतन्याहू ने कहा कि स्मित पूरी दुनिया के हीरो हैं। उन्होंने कैप्टन स्मित को इजराइल आने का न्योता भी दिया और कहा कि वह उन्हें और अपने दोस्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले स्वतंत्रता दिवस पर जश्न की मशाल जलाने के लिए आमंत्रित करना चाहते हैं। बातचीत में नेतन्याहू ने स्मित से फ्लाइट में हुई घटना के बारे में भी जानकारी ली। स्मित ने बताया कि हमले से कुछ मिनट पहले को-पायलट ने प्रेयर करने की इच्छा जताई थी और इसके कुछ देर बाद अचानक उन पर हमला कर दिया।


प्रेयर के कुछ मिनट बाद को-पायलट ने किया हमला

नेतन्याहू से बातचीत में कैप्टन स्मित ने बताया कि घटना के समय फ्लाइट सामान्य थी। को-पायलट ने उनसे कहा था कि वह प्रेयर करना चाहता है। स्मित ने बताया कि कई स्थानीय लोग ऐसा करते हैं, इसलिए उन्हें यह बात अजीब नहीं लगी। को-पायलट उनके पीछे बैठकर प्रेयर करने लगा, जबकि स्मित सामने की ओर देख रहे थे। करीब चार से पांच मिनट बाद अचानक उनके सिर के पीछे जोरदार वार हुआ। शुरुआत में उन्हें लगा कि विमान को कोई गंभीर नुकसान हुआ है या कोई बड़ी समस्या सामने आई है। इसके बाद लगातार वार होने लगे, तब उन्हें समझ आया कि विमान में कोई खराबी नहीं हुई थी, बल्कि कॉकपिट में मौजूद को-पायलट ही उन पर हमला कर रहा था। स्मित ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन वह ठीक से देख नहीं पा रहे थे और सब कुछ धुंधला दिखाई दे रहा था। इसी दौरान उन्हें महसूस हुआ कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है।

17 हजार फीट नीचे आया विमान, घायल पायलट ने खोला दरवाजा

30 सितंबर को दुबई से इजराइल के तेल अवीव जा रही फ्लाइट में ओमानी को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर कुल्हाड़ी से हमला किया था। हमले के बाद विमान करीब दो मिनट में 17 हजार फीट नीचे आ गया। स्मित ने बताया कि उन्हें ठीक से याद नहीं था, लेकिन उन्होंने एक बार कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की थी, जिसे को-पायलट ने बंद कर दिया। वह कॉकपिट के फर्श पर पड़े थे और विमान के नीचे जाने तथा धक्के जैसी आवाजें सुनाई दे रही थीं। लोग चिल्ला रहे थे। नेतन्याहू ने उनसे पूछा कि उन्होंने दरवाजा कैसे खोला। इस पर स्मित ने बताया कि दरवाजा अंदर से घुमाकर खोला जा सकता है, जबकि बाहर से इसे केवल कोड के जरिए खोला जा सकता है। उन्होंने बताया कि दरवाजा खोलने का तरीका उसके नॉब तक पहुंचना था। जैसे ही उनका हाथ नॉब तक पहुंचा, उन्होंने उसे घुमाया और दरवाजा खुल गया। इसके बाद फ्लाइट क्रू और यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर आरोपी को काबू किया और विमान पर दोबारा नियंत्रण हासिल किया। विमान की सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई और उसमें सवार सभी 174 लोग सुरक्षित बाहर निकल गए।


UAE ने कुल्हाड़ी से हमले की जानकारी दी

UAE सरकार ने शनिवार को बताया कि ओमान के को-पायलट हमाम अल-हमामी ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर कुल्हाड़ी से हमला किया था। इससे पहले विमान में मौजूद यात्रियों की शुरुआती जानकारी में चाकू से हमला किए जाने की बात सामने आई थी। विमान में इमरजेंसी के लिए एक खास कुल्हाड़ी रखी जाती है, जिसे ‘क्रैश एक्स’ कहा जाता है। इसका इस्तेमाल आग लगने की स्थिति में किसी पैनल को काटकर अंदर पहुंचने, फंसे लोगों को बाहर निकालने का रास्ता बनाने या जरूरत पड़ने पर विमान के किसी हिस्से को काटने या खोलने के लिए किया जाता है। हमाम अल-हमामी ओमान का रहने वाला है। अल अरबिया इंग्लिश के मुताबिक, वह लंबे समय तक सीरिया में रहा था, जहां उसके कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित होने की बात सामने आई। इजराइल के चैनल 12 की रिपोर्ट में उसके अल-कायदा की विचारधारा से प्रभावित होने का दावा किया गया है।


इजराइल के स्वतंत्रता दिवस पर 12 मशालें जलाने की परंपरा

इजराइल का स्वतंत्रता दिवस योम हा'अत्जमाउत कहलाता है और यह हिब्रू कैलेंडर के 5 इयार को मनाया जाता है। इसी वजह से ग्रेगोरियन कैलेंडर में इसकी तारीख हर साल बदलती रहती है। 2027 में इजराइल का स्वतंत्रता दिवस 12 मई को होगा और इसका समारोह 11 मई की शाम से शुरू होगा। इसी दौरान यरुशलम के माउंट हर्जल पर मशाल जलाने का खास समारोह आयोजित किया जाता है। यह समारोह योम हजिकारोन यानी सैनिकों और आतंकवादी हमलों में मारे गए लोगों के स्मृति दिवस के खत्म होने और स्वतंत्रता दिवस की शुरुआत का प्रतीक है। समारोह में 12 मशालें एक-एक करके जलाई जाती हैं, जिन्हें इजराइल की 12 प्राचीन जनजातियों का प्रतीक माना जाता है। देश के लिए खास योगदान देने वाले लोगों को मशाल जलाने का सम्मान दिया जाता है। इनमें सामाजिक कार्यकर्ता, वैज्ञानिक, सैनिक, कलाकार और शहीद सैनिकों के परिवारों से जुड़े लोग शामिल हो सकते हैं। समारोह में पहले इजराइली झंडे को नीचे झुकाकर फिर ऊपर उठाया जाता है, जिसे शोक खत्म होने और खुशी व स्वतंत्रता की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।


PM मोदी ने भी की थी कैप्टन स्मित से वीडियो कॉल

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 सितंबर को कैप्टन स्मित से करीब नौ मिनट वीडियो कॉल पर बात की थी। बातचीत के दौरान स्मित ने कहा था कि वह मुश्किल समय में हनुमान चालीसा पढ़ते हैं और घटना के समय भी पढ़ रहे थे। उन्होंने कहा था कि उन्हें पता है कि भगवान ने ही उन्हें बचाया। अब नेतन्याहू के साथ बातचीत में भी स्मित ने फ्लाइट में हमले के दौरान सामने आई स्थिति के बारे में विस्तार से बताया। इस बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने उनके साहस की तारीफ की और उन्हें जल्द ठीक होने की शुभकामना दी। साथ ही उन्होंने स्मित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजराइल के अगले स्वतंत्रता दिवस समारोह में जश्न की मशाल जलाने के लिए आमंत्रित करने की बात कही। 

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