ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान, लूला ने पांच बड़ी राहतों से चला दांव
- Babli Ansari
- 25 Oct, 2026
ब्रासीलिया। ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान के बीच मुकाबला बेहद कड़ा हो गया है। राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के सामने दक्षिणपंथी नेता फ्लावियो बोल्सोनारो मैदान में हैं। निर्णायक दौर से ठीक पहले लूला ने सामाजिक राहतों का ऐसा पैकेज सामने रखा है, जिसे चुनावी रणनीति का बड़ा दांव माना जा रहा है। सरकार ने Bolsa Familia योजना की रकम में 15 प्रतिशत बढ़ोतरी, छोटे कारोबारियों के कर्ज में राहत, ईंधन पर कर कटौती और सप्ताहांत में मुफ्त सार्वजनिक परिवहन जैसे कदमों का एलान किया है। इन फैसलों का सीधा असर निम्न आय वर्ग, छोटे उद्यमियों और रोजाना बस-ट्रेन से सफर करने वालों पर पड़ना है। हालांकि विपक्ष ने इन घोषणाओं को सरकारी खर्च बढ़ाने वाला कदम बताया है।
लूला की पांच राहतों पर टिकी चुनावी रणनीति
जानकारी के मुताबिक लूला के राहत पैकेज में सबसे बड़ा फैसला Bolsa Familia भत्ते में 15 प्रतिशत की वृद्धि है। इस योजना पर ब्राजील के करीब 1.9 करोड़ परिवार निर्भर बताए जाते हैं। सरकार ने छोटे कारोबारियों और सूक्ष्म उद्यमियों को कर्ज राहत देने की भी घोषणा की है। अलग-अलग रिपोर्टों में इस राहत का आकार अरबों रियाल बताया गया है। इसके अलावा ईंधन पर करों में कटौती से परिवहन और घरेलू बजट पर दबाव घटाने की कोशिश की गई है। सप्ताहांत और कुछ सार्वजनिक अवकाशों पर मुफ्त परिवहन का फैसला भी इसी कड़ी का हिस्सा है। लूला ने विश्वविद्यालय छात्रों के लिए सहायता बढ़ाने और छोटे कारोबारियों तक सीधे आर्थिक मदद पहुंचाने के संकेत भी दिए हैं।
महंगाई और रोजगार के बीच बढ़ा राजनीतिक दबाव
लूला सरकार अपने सामाजिक कार्यक्रमों को गरीबी और भूख कम करने की पुरानी नीति की वापसी के रूप में पेश कर रही है। उनके समर्थकों का कहना है कि कल्याणकारी योजनाओं से लाखों परिवारों को राहत मिली और रोजगार की स्थिति में भी सुधार हुआ। दूसरी ओर, मतदाता महंगाई, अपराध और जीवन-यापन की बढ़ती लागत से परेशान हैं। यही वजह है कि चुनाव से पहले सरकार ने राहत उपायों को तेज किया। संसद से छह दिन के कामकाजी सप्ताह को घटाकर पांच दिन करने संबंधी प्रस्ताव को भी समर्थन मिला है। इस कदम को श्रमिक वर्ग के लिए लोकप्रिय फैसला माना जा रहा है। आलोचकों का सवाल है कि इतने बड़े वादों का भुगतान कैसे होगा और राजकोषीय घाटे पर इसका कितना असर पड़ेगा।
बोल्सोनारो खेमे की चुनौती, मतदान पर सबकी नजर
फ्लावियो बोल्सोनारो ने लूला की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए खर्च और सरकारी दखल को चुनावी मुद्दा बनाया है। दोनों खेमों के बीच मुकाबला इतना नजदीकी बताया जा रहा है कि छोटे समूहों और मध्यम वर्ग के मतदाताओं का रुख निर्णायक हो सकता है। मुफ्त परिवहन का फैसला मतदान केंद्रों तक पहुंच आसान बनाने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। चुनावी दौर में ऐसी घोषणाओं से लूला को तत्काल राजनीतिक लाभ मिल सकता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार असली परीक्षा चुनाव के बाद शुरू होगी। नई सरकार को सामाजिक खर्च, महंगाई नियंत्रण और वित्तीय अनुशासन के बीच संतुलन साधना होगा। मतदान के नतीजे ब्राजील की आर्थिक दिशा के साथ-साथ लैटिन अमेरिकी राजनीति पर भी असर डाल सकते हैं।
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