महाकुंभ में शाही स्नान की 3 तारीखें सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण क्यों? संगम तट पर उमड़ेगी करोड़ों की भीड़ !

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महाकुंभ में शाही स्नान की 3 तारीखें सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण क्यों? संगम तट पर उमड़ेगी करोड़ों की भीड़ !

प्रयागराज में महाकुंभ 2025 की तैयारियां जोरों पर हैं, जहां साधु-संतों और श्रद्धालुओं का जुटान शुरू हो चुका है। महाकुंभ का पहला शाही स्नान 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा के अवसर पर होगा, जो इस महाआयोजन की शुरुआत को चिह्नित करेगा। इसके बाद दूसरा शाही स्नान 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन होगा। यह दिन खासकर सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इस दिन सबसे अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

कब-कब पड़ेगा शाही स्नान?
महाकुंभ के दौरान कुल छह शाही स्नान होंगे, जिनमें मौनी अमावस्या (29 जनवरी), बसंत पंचमी (3 फरवरी), माघी पूर्णिमा (12 फरवरी) और महाशिवरात्रि (26 फरवरी) को भी शाही स्नान के दिन के रूप में निर्धारित किया गया है।

योगी सरकार के लिए शाही स्नान बड़ा इम्तिहान
योगी आदित्यनाथ सरकार के लिए ये शाही स्नान के दिन सबसे चुनौतीपूर्ण होंगे, क्योंकि इन दिनों करोड़ों की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। इसके चलते प्रशासन ने हर संभव तैयारी की है, ताकि कोई भी श्रद्धालु किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करे।

महाकुंभ में यातायात की विशेष सेवाएं
रेलवे और रोडवेज की ओर से विशेष ट्रेनें और बस सेवाएं चलाई जा रही हैं। 992 स्पेशल ट्रेनें 12 जनवरी से 28 फरवरी तक संचालित की जाएंगी, जिससे देश के विभिन्न शहरों से श्रद्धालु आसानी से प्रयागराज पहुंच सकें।

2000 से 20,000 तक के टेंट सिटी की व्यवस्था
प्रयागराज में ठहरने के लिए टेंट सिटी, होटल, धर्मशाला, और होम स्टे की व्यवस्था की गई है। हेल्पलाइन नंबर 1920 जारी किया गया है, जो खोया-पाया केंद्र से जुड़ा होगा। एआई कैमरों की मदद से भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

पहला शाही स्नान चुनौतीपूर्ण!
महाकुंभ 2025 के दौरान शाही स्नान की ये तिथियां योगी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होंगी, लेकिन प्रशासन की तैयारियां पूरी हैं। उम्मीद है कि यह महाआयोजन श्रद्धालुओं के लिए यादगार रहेगा।

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