ईरान-इजराइल जंग को लेकर पीएम मोदी ने जताई चिंता, कहा- पश्चिम एशिया के हालात चिंताजनक, अपने नागरिकों को जल्द निकालेगा भारत

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पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीयों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। कश्मीर और पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। कई उड़ानें रद्द हुईं और दूतावासों ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार हालात पर लगातार नजर रखे हुए है।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरी चिंता जताई है। दिल्ली के हैदराबाद हाउस में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि वहां के हालात बेहद गंभीर हैं, लेकिन भारत अपने नागरिकों को हर हाल में सुरक्षित निकालने के लिए तैयार है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत हमेशा बातचीत और शांति के रास्ते का समर्थक रहा है। इसी बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद जम्मू-कश्मीर से लेकर पाकिस्तान तक विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। हालात को देखते हुए केंद्र सरकार लगातार बैठकों के जरिए स्थिति पर नजर बनाए हुए है। 


कश्मीर और पाकिस्तान में विरोध, कई जगह हालात बेकाबू

जम्मू-कश्मीर में दूसरे दिन भी सड़कों पर प्रदर्शन देखने को मिले। श्रीनगर के बेमिना इलाके में सुरक्षाबलों को भीड़ हटाने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा। शोपियां, बारामूला और बांदीपोरा में बाजार बंद रहे। दूसरी ओर पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में हालात और ज्यादा बिगड़ गए। गिलगित-बाल्टिस्तान में प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र से जुड़े कार्यालयों में आगजनी की। स्कर्दू में पुलिस अधीक्षक कार्यालय और अन्य सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाया गया। गोलीबारी में कई लोगों की मौत और कई घायल होने की खबर है। कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर भी हिंसक झड़प हुई। पूरे क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई है।


प्रधानमंत्री आवास पर उच्चस्तरीय बैठक, विदेशों में फंसे भारतीयों पर चर्चा

1 मार्च की रात प्रधानमंत्री आवास पर सुरक्षा मामलों की एक अहम बैठक हुई। इसमें गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और तीनों सेनाओं के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। बैठक में पश्चिम एशिया में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर उन्हें वापस लाने की योजना पर विस्तार से चर्चा हुई। फिलहाल कई देशों का हवाई क्षेत्र बंद है, जिससे यात्रा व्यवस्था प्रभावित हुई है। प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत की है। भारत ने नागरिकों की सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया है और तनाव कम करने की अपील की है।


उड़ानें रद्द, दूतावासों की सलाह और देश में कड़ी निगरानी

मध्य पूर्व के बंद हवाई क्षेत्र का असर भारत में भी पड़ा है। एक दिन में सैकड़ों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों से अपनी यात्रा की स्थिति लगातार जांचने को कहा है। कुवैत, ओमान और लेबनान समेत कई देशों में भारतीय दूतावासों ने वहां रह रहे लोगों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। दिल्ली और पुराने लखनऊ में भी विरोध प्रदर्शनों के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। दुबई में फंसे एक भारतीय पर्यटक ने बताया कि उन्हें रात में आपात चेतावनी संदेश मिले और धमाकों की आवाजें भी सुनाई दीं। हालात नाजुक हैं, लेकिन सरकार पूरी तरह सतर्क है।

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