NEET री-एग्जाम में सख्ती का असर, मिनटों की देरी पर नो एंट्री, हिजाब, कलावा और इयररिंग्स को लेकर भी विवाद, हैदराबाद में छात्रा ने किया सुसाइड
- Shiv Kumar
- 21 Jun, 2026
देशभर में रविवार को NEET-UG 2026 री-एग्जाम कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच आयोजित किया गया। दोपहर 2 बजे शुरू हुई परीक्षा में 22.79 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए। भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में बनाए गए 5,440 परीक्षा केंद्रों पर छात्रों ने परीक्षा दी। इस बार पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा कराई जा रही है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा सख्त रखी गई। कई जगहों पर छात्रों को समय से कुछ मिनट देर पहुंचने पर भी प्रवेश नहीं मिला, जबकि कुछ केंद्रों पर ड्रेस कोड और सुरक्षा जांच को लेकर विवाद की स्थिति भी बनी रही। पूरे दिन परीक्षा केंद्रों के बाहर छात्रों और अभिभावकों की चिंता साफ दिखाई दी।
मिनटों की देरी बनी परेशानी, कई छात्रों की छूटी परीक्षा
NEET री-एग्जाम में इस बार समय सीमा का बेहद सख्ती से पालन किया गया। दोपहर 1:30 बजे के बाद देशभर के सभी केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए। मुंबई में दो और बेंगलुरु में चार छात्रों को केवल कुछ मिनट की देरी के कारण प्रवेश नहीं दिया गया। बेंगलुरु में कुछ छात्राओं ने केंद्र के भीतर जाने के लिए रेलिंग तक पार करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं मिली। मध्य प्रदेश में भी कई छात्र 30 से 40 सेकंड की देरी से पहुंचे और परीक्षा से वंचित रह गए। कुछ अभ्यर्थी गलत केंद्र पर पहुंच गए, जिससे उनकी परीक्षा छूट गई। अभिभावकों ने कई स्थानों पर ट्रैफिक और अव्यवस्था को देरी का कारण बताया, लेकिन परीक्षा एजेंसी ने नियमों में किसी तरह की छूट नहीं दी।
हिजाब, कलावा और इयररिंग्स को लेकर केंद्रों पर विवाद
कई राज्यों में सुरक्षा जांच के दौरान छात्रों को असुविधा का सामना भी करना पड़ा। राजस्थान के अजमेर में हिजाब पहनकर पहुंची एक छात्रा को पहले प्रवेश से रोक दिया गया। बाद में बहस के बाद उसे परीक्षा देने की अनुमति मिली। उदयपुर में एक अभ्यर्थी की नोज पिन नहीं निकलने पर उसकी नाक पर टेप लगाया गया। भोपाल में छात्रों के हाथों से कलावा हटवाया गया, जबकि उत्तर प्रदेश के कुछ केंद्रों पर छात्राओं को इयररिंग्स उतारने पड़े। राजस्थान के कुछ केंद्रों पर कपड़ों के बटन तक काटे गए। इन घटनाओं को लेकर अभिभावकों और छात्रों में नाराजगी भी देखने को मिली, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा नियम सभी के लिए समान हैं।
सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम, छात्रों के लिए विशेष सुविधाएं
पेपर लीक की पुनरावृत्ति रोकने के लिए इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई। देशभर में दो लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी, हजारों पर्यवेक्षक और शहर समन्वयक तैनात किए गए। पहली बार प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन के लिए वायुसेना की मदद ली गई। परीक्षा केंद्रों पर लाखों सीसीटीवी कैमरों और हजारों जैमर के जरिए निगरानी रखी गई। कई राज्यों में छात्रों के लिए मुफ्त बस सेवा, विशेष ट्रेनें, ओआरएस, पीने का पानी और अभिभावकों के लिए कूलिंग जोन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। इसी बीच हैदराबाद में एक छात्रा की मौत की खबर ने सभी को झकझोर दिया, जहां पुलिस परीक्षा के दबाव को संभावित कारण मानकर जांच कर रही है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






