राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा एक्शन, टिन्नू यादव समेत 8 आरोपी गिरफ्तार, आज कोर्ट में होगी पेशी
- Shiv Kumar
- 26 Jun, 2026
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के चर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ आरोपियों को देर रात गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों को आज अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उनकी 14 दिन की रिमांड की मांग करेगी। इस कार्रवाई के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और यदि आगे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति भी तेज हो गई है और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।
चढ़ावा प्रबंधन से जुड़े लोगों पर दर्ज हुई पहली एफआईआर
गुरुवार शाम ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज की गई। इसमें रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और रमाशंकर मिश्रा को नामजद किया गया है। बताया जा रहा है कि इनमें अधिकांश लोग मंदिर के चढ़ावे की गिनती और दान प्रबंधन से जुड़े रहे हैं। हालांकि इस एफआईआर में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा या अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। यह मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था, जिसके बाद 13 जून को राज्य सरकार ने विशेष जांच दल का गठन किया। जांच दल ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी थी, जिसके बाद अब गिरफ्तारी की कार्रवाई हुई है।
सरकार बोली- दोषी कोई भी हो बख्शा नहीं जाएगा
मामले में कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि योगी सरकार की नीति साफ है और दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं विपक्ष लगातार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया है कि असली जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी अयोध्या पहुंचे हैं। उन्होंने रामलला के दर्शन के बाद इस मामले पर अपनी बात रखने की घोषणा की है। उधर, पुलिस का कहना है कि जांच अभी खत्म नहीं हुई है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं, इसलिए यदि जांच में सरकारी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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