यूपी सरकार का बड़ा फैसला, इस साल भी नहीं बढ़ेगा बिल, जुलाई के बिल में उपभोक्ताओं को मिलेगा फायदा

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उत्तर प्रदेश में लगातार सातवें वर्ष भी बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। जुलाई महीने के बिजली बिल में एफपीपीसीए के तहत 4.43 प्रतिशत की राहत मिलेगी, जिससे करोड़ों उपभोक्ताओं को आर्थिक फायदा होगा और बिजली बिल का बोझ कम रहेगा।

उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए भी बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। इसका मतलब है कि प्रदेश में लगातार सातवें साल बिजली के दाम स्थिर रहेंगे। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि पिछले सात वर्षों में बिजली की दरों में एक पैसे की भी वृद्धि नहीं की गई है। ऐसे समय में यह फैसला लिया गया है, जब प्रदेश में बिजली की मांग और आपूर्ति दोनों रिकॉर्ड स्तर पर हैं। सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाले बिना बेहतर बिजली व्यवस्था उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है।


रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति के बीच सरकार का बड़ा दावा

ऊर्जा मंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा कि उत्तर प्रदेश का बिजली प्रबंधन देश में एक उदाहरण बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष गर्मियों के दौरान प्रदेश ने 32,673 मेगावाट बिजली आपूर्ति का नया रिकॉर्ड बनाया, जो देश में सबसे अधिक रहा। उन्होंने कहा कि मौसम संबंधी चुनौतियों के बावजूद शहरों, कस्बों और गांवों तक चौबीसों घंटे बिजली पहुंचाने का प्रयास लगातार जारी है। सरकार का दावा है कि मजबूत बिजली प्रबंधन और बेहतर संसाधन योजना के कारण उपभोक्ताओं को बिना दर बढ़ाए बेहतर बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है।


जुलाई के बिजली बिल में भी मिलेगी अतिरिक्त राहत

बिजली की दरें स्थिर रहने के साथ ही जुलाई महीने के बिजली बिल में भी उपभोक्ताओं को राहत मिलने जा रही है। एफपीपीसीए के तहत इस महीने बिलों में 4.43 प्रतिशत की कमी की जाएगी, जिसे पिछले 15 महीनों की सबसे बड़ी कटौती माना जा रहा है। इससे प्रदेश के उपभोक्ताओं को करीब 358 करोड़ रुपये का सामूहिक लाभ मिलने का अनुमान है। बिजली खरीद लागत में कमी आने के कारण यह राहत संभव हो सकी है। वहीं, उपभोक्ता संगठनों की ओर से पूर्व में हुई अतिरिक्त वसूली वापस करने की मांग भी लगातार उठाई जा रही है, जिस पर आगे निर्णय होने की संभावना जताई जा रही है।

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