एकतरफा प्यार में मासूम की हत्या, कोर्ट ने दी फांसी, जेल में खत्म हुई आरोपी की जिंदगी
फिरोजाबाद के आरव हत्याकांड में 41 दिन में आया फैसला, फांसी की सजा के अगले दिन जेल में आरोपी की मौत
- Babli Ansari
- 10 Jul, 2026
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में 30 मई को डेढ़ साल के मासूम आरव की निर्मम हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने महज 41 दिनों के भीतर फैसला सुनाते हुए आरोपी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने मामले को दुर्लभतम श्रेणी का अपराध मानते हुए कठोर दंड दिया। हालांकि, सजा सुनाए जाने के अगले ही दिन आरोपी की जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है।
41 दिन में पूरा हुआ ट्रायल, कोर्ट ने सुनाई फांसी
जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. बब्बू सारंग की अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को हत्या का दोषी ठहराया। अदालत ने कहा कि मासूम की हत्या बेहद जघन्य और अमानवीय अपराध है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने तेजी से सुनवाई पूरी करते हुए 41 दिनों के भीतर फैसला सुनाया और आरोपी को फांसी की सजा सुनाई।
एकतरफा प्यार की सनक में मासूम की हत्या
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी का विवाद बच्चे की मां से जुड़ा था। 30 मई को वह डेढ़ साल के आरव को टॉफी दिलाने के बहाने घर से ले गया और सुनसान स्थान पर ले जाकर उसे कई बार जमीन पर पटक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में आक्रोश फैल गया था। पीड़ित परिवार लगातार आरोपी के लिए फांसी की मांग कर रहा था।
सजा के अगले दिन जेल में हुई मौत
फांसी की सजा सुनाए जाने के अगले दिन आरोपी की जेल में तबीयत अचानक बिगड़ गई। जेल प्रशासन के अनुसार, उसे तत्काल उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ था और खाना-पीना भी कम कर दिया था। मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम कराया गया है और जेल प्रशासन ने नियमानुसार जांच शुरू कर दी है।
प्रदेश में बना चर्चा का विषय
आरव हत्याकांड अपनी क्रूरता और त्वरित न्याय प्रक्रिया के कारण पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना रहा। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा रिकॉर्ड समय में सुनाया गया फैसला न्यायिक व्यवस्था की तेजी का उदाहरण माना गया, जबकि आरोपी की जेल में मौत ने मामले को एक नया कानूनी और प्रशासनिक पहलू दे दिया है। अब जेल में हुई मौत की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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