JPSC Protest के बीच सरकार का बड़ा कदम! छात्रों के लिए जारी किया Email, सीधे भेज सकेंगे शिकायत
रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच झारखंड सरकार ने संवाद का नया रास्ता खोला है। अब छात्र, अभिभावक और अन्य हितधारक ई-मेल के जरिए अपने सुझाव भेज सकेंगे।
- Babli Ansari
- 08 Aug, 2026
रांची। झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने संवाद का रास्ता और मजबूत करने की कोशिश की है। लगातार विरोध, धरना और छात्रों की मांगों के बीच सरकार ने अब छात्रों से उनकी शिकायतें, सुझाव और समस्याएं सीधे लेने के लिए ई-मेल व्यवस्था शुरू की है। सरकार की यह पहल ऐसे वक्त सामने आई है जब आंदोलन लंबा खिंच चुका है और छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
सरकार ने छात्रों से सीधे मांगा Feedback
JPSC-JSSC विवाद को लेकर सरकार की ओर से छात्रों के साथ बातचीत की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। शुक्रवार को सरकार और आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत भी हुई। सरकार ने इन चर्चाओं को सकारात्मक बताया, लेकिन छात्रों की तरफ से यह स्पष्ट किया गया कि केवल बातचीत से आंदोलन खत्म नहीं होगा और वे ठोस कार्रवाई चाहते हैं। इसी बीच छात्रों की शिकायतों और सुझावों को सीधे सरकार तक पहुंचाने के लिए ई-मेल व्यवस्था शुरू करना एक अहम कदम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य यह जानना है कि आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख आपत्तियां क्या हैं और वे भर्ती परीक्षाओं में किस तरह के बदलाव चाहते हैं।
कई दिनों से सड़कों पर हैं छात्र
झारखंड में JPSC-JSSC को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता गया है। अभ्यर्थी 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने, कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं। कुछ प्रदर्शनकारी CBI जांच की मांग भी कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान कई छात्र धरने और भूख हड़ताल पर भी बैठे। शुक्रवार को एक छात्र की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल ले जाना पड़ा। इससे आंदोलन को लेकर सरकार पर दबाव और बढ़ गया।
बातचीत के लिए बनी थी छात्रों की टीम
सरकार से बातचीत के लिए प्रदर्शनकारी छात्रों ने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी बनाया था। यह कदम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से बातचीत के लिए दरवाजा खुला रखने की बात कहे जाने के बाद उठाया गया। हालांकि बातचीत के बावजूद छात्रों की मुख्य मांगों पर अभी पूरी सहमति नहीं बनी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि स्पष्ट निर्णय और कार्रवाई चाहिए।
सरकार और छात्रों के बीच बढ़ रहा दबाव
JPSC-JSSC विवाद अब सिर्फ छात्र आंदोलन तक सीमित नहीं रहा। मामला झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में भी पहुंच चुका है। विपक्षी विधायकों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार को घेरा है। वहीं छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों की ओर से भी आंदोलन को समर्थन मिलता रहा है। ऐसे में सरकार की ओर से ई-मेल के जरिए Feedback लेने की पहल को आंदोलन को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या Email से निकलेगा समाधान?
अब बड़ा सवाल यही है कि सरकार को छात्रों से मिलने वाले Feedback के बाद क्या कार्रवाई होती है। अगर छात्रों की प्रमुख मांगों पर सरकार कोई ठोस रोडमैप देती है तो लंबे समय से चल रहा आंदोलन शांत हो सकता है। लेकिन अगर सिर्फ शिकायतें लेने तक बात सीमित रही और परीक्षा रद्द करने या जांच जैसे मुद्दों पर फैसला नहीं हुआ, तो आंदोलन के और तेज होने की संभावना बनी रहेगी।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






