कुत्तों की शेरवानी और बिल्लियों का स्पा! पेट्स पर लाखों लुटा रहे लोग
देश के बड़े शहरों में पेट पेरेंट्स अब अपने पालतू जानवरों पर सिर्फ खाना और दवा नहीं, बल्कि लग्जरी सर्विस पर भी खुलकर पैसा खर्च कर रहे हैं। कुत्तों के लिए कपड़े, बिल्लियों के लिए स्पा और प्रीमियम ग्रूमिंग का बाजार तेजी से फैल रहा है।
- Babli Ansari
- 10 Aug, 2026
भारत में पालतू जानवरों को रखने का चलन अब सिर्फ घर की सुरक्षा या साथी तक सीमित नहीं रहा। खासकर शहरों में डॉग और कैट को परिवार का सदस्य मानने वाले लोग उनकी जरूरतों पर पहले से कहीं ज्यादा खर्च कर रहे हैं। अब पेट्स के लिए सिर्फ खाना और सामान्य दवाइयां ही नहीं, बल्कि डिजाइनर कपड़े, स्पा, ग्रूमिंग, खास डाइट और लग्जरी एक्सेसरीज तक उपलब्ध हैं।
Pets बन गए हैं परिवार का हिस्सा
बदलती लाइफस्टाइल के साथ कई परिवारों में पालतू जानवरों को बाकायदा परिवार के सदस्य की तरह रखा जा रहा है। उन्हें घर में अलग जगह, खास खाना और नियमित स्वास्थ्य देखभाल दी जाती है। इसी सोच ने भारत में पेट-केयर से जुड़े कारोबार को भी नया बाजार दिया है। अब पेट पैरेंट्स अपने डॉग या कैट के लिए ऐसी सुविधाएं लेने लगे हैं, जो कुछ साल पहले काफी असामान्य मानी जाती थीं।
डॉग्स के लिए डिजाइनर शेरवानी तक
त्योहार, शादी या किसी खास मौके पर अब सिर्फ इंसानों के लिए ही कपड़े नहीं खरीदे जाते। पेट्स के लिए भी खास आउटफिट तैयार किए जा रहे हैं। डॉग्स के लिए शेरवानी, जैकेट, डिजाइनर ड्रेस और दूसरे फैशनेबल कपड़े बाजार में उपलब्ध हैं। कई पेट पैरेंट्स अपने पालतू जानवरों को खास मौकों पर तैयार करके तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी शेयर करते हैं।
बिल्लियों के लिए Spa और Grooming
डॉग्स की तरह कैट्स के लिए भी पेट-केयर सर्विस तेजी से बढ़ रही है। बिल्लियों के लिए ग्रूमिंग, नहाने और कोट की देखभाल के साथ-साथ स्पा जैसी सेवाएं भी उपलब्ध हैं। खासकर लंबे बालों वाली बिल्लियों की नियमित ग्रूमिंग पर पेट पैरेंट्स ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। इससे पेट-केयर का बाजार सिर्फ खाने और दवाइयों से आगे बढ़कर लाइफस्टाइल सर्विस तक पहुंच गया है।
खाने से लेकर Wellness तक खर्च
आज कई पेट पैरेंट्स अपने जानवरों के लिए सामान्य बाजार में मिलने वाले खाने के बजाय प्रीमियम और खास जरूरतों के मुताबिक तैयार किए गए फूड प्रोडक्ट खरीद रहे हैं। इसके अलावा हेल्थ चेकअप, डाइट कंसल्टेशन, ट्रेनिंग, ग्रूमिंग और फिटनेस जैसी सेवाओं पर भी खर्च किया जा रहा है। पेट केयर सेक्टर में बढ़ती मांग के कारण ऐसे कई नए बिजनेस सामने आए हैं।
महंगे Accessories का भी बढ़ा चलन
अब पेट्स के लिए सिर्फ कॉलर या सामान्य खिलौने ही नहीं मिलते। डिजाइनर बेड, स्मार्ट फीडिंग बाउल, ट्रैकर, खास खिलौने और दूसरी प्रीमियम एक्सेसरीज भी बाजार का हिस्सा बन चुकी हैं। कुछ प्रीमियम पेट प्रोडक्ट्स की कीमत हजारों रुपये तक पहुंचती है। यानी पेट पैरेंट्स अब अपने जानवरों की सुविधा और स्टाइल दोनों पर खर्च करने से पीछे नहीं हट रहे।
Pet Care बना बड़ा बिजनेस
पेट्स के प्रति बदलती सोच ने कंपनियों के लिए भी बड़ा बाजार तैयार किया है। पेट फूड से लेकर हेल्थकेयर, ग्रूमिंग, ट्रेनिंग और ट्रैवल तक कई अलग-अलग सेवाएं तेजी से विकसित हो रही हैं। पहले जहां पेट शॉप का मतलब सिर्फ खाना और कुछ जरूरी सामान माना जाता था, वहीं अब पूरा पेट-लाइफस्टाइल सेक्टर तैयार हो चुका है।
लाखों खर्च करने से नहीं झिझक रहे लोग
कुछ पेट पैरेंट्स अपने जानवरों की देखभाल और सुविधाओं पर हर महीने हजारों रुपये खर्च करते हैं, जबकि प्रीमियम सेवाओं और पेट ट्रैवल जैसी सुविधाओं पर इससे कहीं ज्यादा रकम लग सकती है। उदाहरण के तौर पर कुछ अंतरराष्ट्रीय पेट-रिलोकेशन सेवाओं की लागत लाखों रुपये तक पहुंच सकती है। यानी भारत में पेट्स को लेकर सिर्फ भावनात्मक लगाव ही नहीं बढ़ रहा, बल्कि उनके लिए खर्च करने की क्षमता और इच्छा भी बढ़ रही है।
आखिर क्यों बदल रही है सोच?
शहरीकरण, छोटे परिवार और बदलती जीवनशैली ने लोगों और उनके पालतू जानवरों के रिश्ते को काफी बदल दिया है। कई लोगों के लिए पेट अकेला जानवर नहीं, बल्कि साथी और परिवार का हिस्सा बन चुका है। इसी वजह से लोग उनकी सेहत, आराम और खुशी पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। यही बदलाव अब पेट-केयर को एक बड़े और तेजी से विकसित होते बाजार में बदल रहा है।
अब Pets की भी शाही जिंदगी
डॉग्स की शेरवानी से लेकर कैट्स के Spa और महंगी एक्सेसरीज तक, भारत में पेट पैरेंटिंग का अंदाज तेजी से बदल रहा है। आने वाले समय में पेट्स के लिए और भी नई प्रीमियम सेवाएं और सुविधाएं बाजार में आने की संभावना है।
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