कांवड़ यात्रा के चलते रेवाड़ी-गुरुग्राम रूट पर भारी वाहनों के लिए ट्रैफिक डायवर्जन, दो दिन तक नई व्यवस्था

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कांवड़ यात्रा के कारण गुरुग्राम पुलिस ने दिल्ली-रेवाड़ी-जयपुर रूट पर भारी वाहनों के लिए एडवाइजरी जारी की है। दिल्ली, रेवाड़ी, नूंह, पटौदी और फरीदाबाद जाने वाले ट्रकों-बसों को वैकल्पिक एक्सप्रेसवे इस्तेमाल करने होंगे।

रेवाड़ी। कांवड़ यात्रा के बढ़ते दबाव के बीच गुरुग्राम पुलिस ने दिल्ली, रेवाड़ी, जयपुर, नूंह, पटौदी और फरीदाबाद की दिशा में चलने वाले भारी वाहनों के लिए बड़ा ट्रैफिक बदलाव लागू कर दिया है। दो दिन तक ट्रकों, बसों और दूसरे बड़े कमर्शियल वाहनों को मुख्य शहरी मार्गों से हटाकर वैकल्पिक एक्सप्रेसवे और बाईपास इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। पुलिस का मकसद साफ है—कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही और आम यातायात की रफ्तार को संभालना। अधिकारियों के मुताबिक, यह व्यवस्था रविवार से मंगलवार तक प्रभावी रहेगी और भीड़ बढ़ने पर रूट डायवर्जन को मौके के हिसाब से बदला भी जा सकता है।


मुख्य रूटों पर सख्त डायवर्जन

गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने भारी वाहनों के लिए सबसे अहम निर्देश यही दिया है कि दिल्ली से गुरुग्राम होकर राजस्थान, रेवाड़ी, झज्जर, नूंह, पटौदी और फरीदाबाद की तरफ जाने वाले वाहन अब मुख्य कॉरिडोर की जगह कुंडली-मानेसर-पलवल यानी केएमपी एक्सप्रेसवे और द्वारका एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करें। जानकारी के मुताबिक, पंचगांव और कपड़ीवास के पास खास डायवर्जन पॉइंट बनाए गए हैं, जहां ट्रकों और बसों को वैकल्पिक रास्तों पर मोड़ा जा रहा है। जयपुर की तरफ से दिल्ली आने वाले भारी वाहन कपड़ीवास फ्लाईओवर के नीचे से होते हुए भिवाड़ी, सोहना और राजीव चौक के रास्ते आगे बढ़ेंगे। मानेसर और पलवल की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी केएमपी को प्राथमिक मार्ग बनाया गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, राज्य राजमार्ग-15 पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि दिल्ली-गुरुग्राम से जयपुर और दक्षिण हरियाणा जिलों की ओर जाने वाले भारी वाहनों का दबाव सीधे शहर के भीतर न आए। गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी रोड को झज्जर, रेवाड़ी, पटौदी, नूंह और फरीदाबाद जाने वाले वाहनों के लिए प्रमुख वैकल्पिक रूट के रूप में चिन्हित किया गया है। वहीं मानेसर और पलवल से आगे निकलने वाले वाहन केएमपी या वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का उपयोग करेंगे। पुलिस ने साफ कहा है कि यात्रियों और वाहनों की वास्तविक भीड़ देखकर डायवर्जन को मौके पर बदला जा सकता है, इसलिए फोर्स को सभी संवेदनशील प्वाइंट्स पर तैनात कर दिया गया है।


क्यों कसा गया ट्रैफिक पर शिकंजा

यह व्यवस्था अचानक नहीं लाई गई है। हर साल कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार और आसपास के इलाकों से लौटने वाले लाखों श्रद्धालु उत्तर भारत के बड़े हाईवे पर दबाव बढ़ा देते हैं, खासकर दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जुड़े रूटों पर। इसी वजह से पुलिस और प्रशासन पहले से भीड़ नियंत्रित करने के लिए भारी वाहनों को कुछ समय के लिए अलग रूट पर भेजते हैं। इस बार गुरुग्राम के साथ दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ क्षेत्र में भी समानांतर ट्रैफिक पाबंदियां देखने को मिल रही हैं, जहां कई मार्गों पर आम वाहनों की आवाजाही सीमित की गई है। अधिकारियों का मानना है कि बड़े कमर्शियल वाहनों को शहर के भीतर रोके रखने से जाम और हादसे दोनों का खतरा बढ़ जाता है।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों पर भी कांवड़ियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए अस्थायी बंदी और रूट बदलने के फैसले लिए गए हैं। इसी सिलसिले में स्थानीय पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे निजी वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करें और जहां संभव हो, सार्वजनिक परिवहन या रैपिड रेल जैसी सेवाओं का सहारा लें। गुरुग्राम पुलिस ने भी एंट्री और एग्जिट प्वाइंट्स पर प्रवर्तन बढ़ा दिया है ताकि भारी वाहन गलत रास्ते से न घुस सकें। ट्रैफिक अधिकारी मान रहे हैं कि अगले 48 से 72 घंटे सबसे संवेदनशील रहेंगे, इसलिए हर अपडेट पर नजर रखी जा रही है।


आम यात्रियों पर असर और आगे की स्थिति

नई व्यवस्था का सीधा असर दिल्ली, गुरुग्राम, रेवाड़ी, नूंह, पटौदी, फरीदाबाद और जयपुर रूट पर चलने वाले ट्रांसपोर्टर, लॉजिस्टिक्स कंपनियों और अंतरराज्यीय बस ऑपरेटरों पर पड़ेगा। भारी वाहनों को लंबा चक्कर लेना होगा, जिससे यात्रा समय और ईंधन लागत दोनों बढ़ेंगी। दूसरी तरफ, पुलिस को उम्मीद है कि इससे कांवड़ मार्ग पर अनावश्यक दबाव कम होगा और श्रद्धालुओं के साथ-साथ आम यात्रियों को भी राहत मिलेगी। जिन रास्तों पर ट्रकों की आवाजाही सामान्य दिनों में सबसे ज्यादा रहती है, वहां अब रफ्तार धीमी रह सकती है और कुछ जगहों पर अस्थायी जाम बनना तय माना जा रहा है।

प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि यह पूरा ट्रैफिक प्लान स्थायी नहीं, बल्कि हालात आधारित है। जैसे ही कांवड़ियों की आवाजाही कम होगी, रूट सामान्य करने पर विचार किया जाएगा। फिलहाल पुलिस की पहली प्राथमिकता सड़क सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण है। यात्रियों से कहा गया है कि सफर पर निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर देख लें, क्योंकि भीड़ बढ़ते ही डायवर्जन अचानक बदला जा सकता है। जो वाहन गलत दिशा से प्रवेश करेंगे, उनके खिलाफ मौके पर कार्रवाई भी की जा सकती है।

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