आय से अधिक संपत्ति मामले में राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
- Babli Ansari
- 13 Aug, 2026
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी है। हाईकोर्ट ने सीबीआई और ईडी को आरोपों की जांच और सत्यापन से जुड़ी कार्रवाई आगे बढ़ाने का रास्ता दिया था, जिसके बाद राहुल गांधी ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर दर्ज सूची के मुताबिक इस याचिका पर 17 अगस्त को सुनवाई होनी है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ करेगी।
हाईकोर्ट के आदेश पर उठाई आपत्ति
जानकारी के मुताबिक इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 20 जुलाई को सीबीआई से कहा था कि वह जांच की प्रगति पर नई और विस्तृत हलफनामा दाखिल करे। अदालत ने यह टिप्पणी तब की थी जब पहले दायर जवाब से वह संतुष्ट नहीं दिखी। हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि अगर जांच के दौरान ईडी को किसी तरह की अवैधता से जुड़े दस्तावेज या सामग्री मिलती है, तो एजेंसी कानून के मुताबिक आगे बढ़ सकती है। यही आदेश राहुल गांधी की ओर से चुनौती का आधार बना है। बार एंड बेंच और अन्य रिपोर्टों के अनुसार याचिका में हाईकोर्ट के रुख पर सवाल उठाए गए हैं।
मई से चल रही है सुनवाई, जांच एजेंसियों पर भी नजर
मामले की पृष्ठभूमि मई में दिए गए उस आदेश से जुड़ी है, जिसमें हाईकोर्ट ने सीबीआई और ईडी को भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर की शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करने को कहा था। शिकायत में राहुल गांधी और उनके परिवार के सदस्यों पर आय से अधिक संपत्ति से जुड़े आरोप लगाए गए थे। बाद में 20 जुलाई को अदालत ने सीबीआई की कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए दोबारा विस्तृत हलफनामा मांगा। अदालत ने मामले को पार्ट-हर्ड रखते हुए अगली तारीख भी तय की थी। अब सुप्रीम कोर्ट में दायर इस चुनौती के साथ विवाद एक बार फिर कानूनी मोड़ पर आ गया है।
सुप्रीम कोर्ट में 17 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
राहुल गांधी ने सिर्फ विशेष अनुमति याचिका ही नहीं, बल्कि एक अलग ट्रांसफर याचिका भी दाखिल की है, जिसमें मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट से दिल्ली हाईकोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग की गई है। अदालत की सूची में इस पूरे प्रकरण को गंभीर प्रकृति का मामला मानते हुए खुली सुनवाई से परहेज किया गया है। राजनीतिक लिहाज से भी यह मामला अहम है, क्योंकि विपक्ष के शीर्ष चेहरे पर जांच एजेंसियों की भूमिका और अदालत के निर्देशों को लेकर नई बहस छिड़ गई है। 17 अगस्त को होने वाली सुनवाई पर अब सबकी नजरें टिकी हैं।
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