राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की फाइनल रिपोर्ट सौंपी गई, चंपत राय और अनिल मिश्रा का नाम नहीं, ट्रस्ट की बैठक में होगी चर्चा
- Shiv Kumar
- 18 Aug, 2026
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित पहली विशेष जांच टीम ने अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा का नाम नहीं है। गृह विभाग ने आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को सौंप दी है। अब इसे 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में रखा जाएगा। हालांकि, मामले की पूरी जांच अभी खत्म नहीं हुई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित दूसरी एसआईटी भी चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है। ऐसे में आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर बनी हुई है।
सरकार ने जून में बनाई थी पहली एसआईटी
चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से जांच कराने का अनुरोध किया था। इसके बाद 13 जून को सरकार ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया। लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता वाली इस टीम में आईजी रेंज किरण एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन कुमार को सदस्य बनाया गया था। इस एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्राथमिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आगे कार्रवाई की और मामला दर्ज किया गया। अब पहली एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का नाम नहीं होने की बात सामने आई है।
प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर आठ लोगों पर एफआईआर
पहली एसआईटी की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि थाने में आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और श्री राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू के नाम शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। प्रारंभिक जांच में गिनती कक्ष से नकदी से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों का भी खुलासा हुआ था। 27 अप्रैल से 5 जून 2026 के बीच की सीसीटीवी फुटेज की जांच में करीब 70 बार कर्मचारियों के नकदी छिपाकर ले जाने की गतिविधियां सामने आने की बात कही गई थी।
दूसरी एसआईटी की जांच अभी जारी
मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद दूसरी एसआईटी का गठन किया गया है। 20 जुलाई को गठित इस टीम में लखनऊ रेंज की आईजी किरण एस, अयोध्या के डीआईजी सोमेन वर्मा और अयोध्या के एसएसपी गौरव ग्रोवर को शामिल किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने जांच की कमान आईपीएस अधिकारी को देने और टीम में वित्त विशेषज्ञ को शामिल करने के निर्देश दिए थे। दूसरी एसआईटी अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पहली रिपोर्ट में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का नाम नहीं होने के बाद अब दूसरी एसआईटी की जांच और उसकी अंतिम रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आगे की कार्रवाई उसके निष्कर्षों के आधार पर तय हो सकती है।
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