राजकोट सिविल अस्पताल में बवाल! सीनियर डॉक्टर ने महिला रेजिडेंट को जड़ा थप्पड़
- Babli Ansari
- 21 Aug, 2026
राजकोट। पं. दीनदयाल उपाध्याय सिविल अस्पताल में रात उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब एक वरिष्ठ डॉक्टर पर महिला रेजिडेंट डॉक्टर को थप्पड़ मारने, गाली देने और धमकी देने के आरोप लगे। मामला उस समय तूल पकड़ गया जब गंभीर हालत में आई एक बुजुर्ग महिला मरीज को लेकर दोनों डॉक्टरों के बीच भर्ती करने की बात पर बहस शुरू हुई। शिकायत के मुताबिक, रेजिडेंट डॉक्टर ने मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत बताते हुए इमरजेंसी वार्ड में रखने की बात कही, जबकि सीनियर डॉक्टर ने उसे सामान्य वार्ड में भेजने की बात कही। बहस बढ़ी तो आरोप है कि वरिष्ठ डॉक्टर ने आपा खो दिया।
इमरजेंसी वार्ड में तकरार, फिर शिकायत
जानकारी के मुताबिक, घटना रात करीब 7.30 से 7.45 बजे के बीच की है। शिकायत दर्ज कराने वाली रेजिडेंट डॉक्टर कृष्णा सिंगला का कहना है कि उन्होंने मरीज की हालत देखते हुए तत्काल इलाज की जरूरत बताई, लेकिन बात नहीं मानी गई। इसी दौरान कथित तौर पर गाली-गलौज हुई और थप्पड़ मारा गया। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि डॉक्टर को क्रिमिनल थ्रेट दी गई और वहां मौजूद स्टाफ व सिक्योरिटी गार्ड ने बीच-बचाव किया। बताया जा रहा है कि पूरी घटना इमरजेंसी वार्ड के सीसीटीवी में कैद है। दूसरी ओर, अस्पताल में पहले से असंतोष था क्योंकि रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि 1 जुलाई को भी इसी डॉक्टर के खिलाफ लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन तब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस में एफआईआर, डॉक्टरों का विरोध
मामला तूल पकड़ने के बाद प्रद्युम्ननगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की है। कुछ रिपोर्टों में वरिष्ठ डॉक्टर अश्विन रमाणी को हिरासत में लिए जाने की बात भी सामने आई है। वहीं, घटना के बाद राजकोट सिविल अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने रात में कामकाज ठप कर विरोध जताया। उनका कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर डॉक्टर के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। विरोध के चलते कुछ देर सेवाएं भी प्रभावित रहीं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी उठानी पड़ी।
अस्पताल प्रशासन पर सवाल, आगे की कार्रवाई पर नजर
इस पूरे घटनाक्रम ने अस्पताल प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कई रिपोर्टों में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट पर लापरवाही और समय रहते कदम न उठाने के आरोप भी उभरे हैं। कुछ सूत्रों के अनुसार, प्रशासनिक स्तर पर बदलाव की चर्चा भी तेज हुई है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से कहा गया है कि जांच के बाद जिम्मेदार पाए जाने वाले डॉक्टर के खिलाफ कानूनन कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला पुलिस जांच और विभागीय कार्रवाई, दोनों के बीच फंसा है। राजकोट के इस अस्पताल में हुई घटना ने सरकारी मेडिकल संस्थानों में कामकाज के माहौल और डॉक्टरों की सुरक्षा पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।
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