450 नंबर का तनाव बना जानलेवा? कोटा में फिर मातम! NEET छात्रा की मौत, इस साल 8वां मामला

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कोटा में एक 20 वर्षीय नीट अभ्यर्थी की संदिग्ध आत्महत्या से कोचिंग जगत में फिर हड़कंप मच गया। पुलिस जांच में इसे इस साल का आठवां कोचिंग छात्र मौत का मामला बताया जा रहा है।

राजस्थान के कोटा से एक बार फिर ऐसी खबर सामने आई है, जिसने देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के तनाव और मानसिक दबाव को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। 20 वर्षीय NEET अभ्यर्थी खुशबू पटेल की कथित आत्महत्या का मामला सामने आया है। खुशबू मध्य प्रदेश की रहने वाली थीं और कोटा में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की दूसरी बार तैयारी कर रही थीं। पुलिस के मुताबिक यह घटना कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के लैंडमार्क सिटी स्थित किराये के फ्लैट में हुई। 

बहन ने बंद कमरे में देखा
पुलिस के अनुसार खुशबू की छोटी बहन खुशी भी कोटा में रहकर JEE की तैयारी कर रही हैं। मंगलवार रात करीब 9 बजे जब वह क्लास से वापस फ्लैट पहुंचीं तो दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक आवाज देने के बावजूद दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद दोस्तों, सुरक्षाकर्मियों और पड़ोसियों की मदद ली गई और ताला खुलवाया गया। अंदर खुशबू अचेत अवस्था में मिलीं। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

पिछली NEET परीक्षा के नंबर को लेकर तनाव
पुलिस के मुताबिक खुशबू ने इससे पहले NEET-UG परीक्षा दी थी, जिसमें उन्हें करीब 450 अंक मिले थे। बताया जा रहा है कि वह अपने पिछले स्कोर को लेकर परेशान थीं। हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि मौत की सटीक वजह अभी सामने नहीं आई है और कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। इसलिए केवल परीक्षा के नंबर को मौत का कारण मानना जल्दबाजी होगी। मामले की जांच जारी है।

कोटा में इस साल आठवां मामला
इस घटना ने एक बार फिर कोटा में पढ़ने वाले हजारों छात्रों के मानसिक दबाव पर बहस तेज कर दी है। पुलिस के मुताबिक जनवरी 2026 से अब तक कोटा में कोचिंग छात्र की मौत का यह आठवां कथित आत्महत्या का मामला है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि खुशबू जिस किराये के फ्लैट में रह रही थीं, वहां सीलिंग फैन में एंटी-हैंगिंग डिवाइस नहीं लगा था, जबकि कोटा के हॉस्टल संबंधी दिशानिर्देशों में ऐसी सुरक्षा व्यवस्था पर जोर दिया गया है।

खुशबू की मौत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर उस रात क्या हुआ और किन परिस्थितियों में यह दुखद घटना हुई। साथ ही यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के बीच छात्रों की मानसिक सेहत और सुरक्षा को भी उतनी ही गंभीरता से लिया जाना जरूरी है।

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