बच्चों से जबरन नारे लगवाने पर भड़कीं इल्तिजा! वीडियो ने मचाया बवाल

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कश्मीर में बच्चों से कथित तौर पर जबरन नारे लगवाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राजनीतिक विवाद तेज हो गया। इल्तिजा मुफ्ती ने इसे बच्चों पर दबाव और डर का मामला बताया, जबकि वीडियो को लेकर स्थानीय स्तर पर तीखी बहस छिड़ गई है।

जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी बच्चों से कथित तौर पर जबरन नारे लगवाए जाने का एक वीडियो सामने आने के बाद सियासी बहस तेज हो गई है। वीडियो को लेकर पीडीपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बच्चों को उनकी इच्छा के खिलाफ किसी तरह का नारा लगाने के लिए मजबूर किए जाने पर सवाल उठाए और इसे गंभीर मुद्दा बताया। 

इल्तिजा मुफ्ती ने क्या कहा?
इल्तिजा मुफ्ती पहले भी बच्चों से जबरन धार्मिक नारे लगवाए जाने के मामलों पर आवाज उठा चुकी हैं। दिसंबर 2024 में मध्य प्रदेश के रतलाम का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें तीन नाबालिगों को कथित तौर पर पीटा गया और उनसे ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने के लिए कहा गया था। उस मामले पर भी इल्तिजा ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी और कहा था कि बच्चों को उनकी इच्छा के खिलाफ धार्मिक नारे लगाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। 

कश्मीर में फिर क्यों उठा सवाल?
ताजा वीडियो को लेकर विवाद इसलिए बढ़ा है क्योंकि मामला सीधे कश्मीरी बच्चों और उनकी पहचान से जुड़ रहा है। इल्तिजा मुफ्ती का कहना है कि किसी भी बच्चे पर अपनी इच्छा के खिलाफ कोई नारा थोपना सही नहीं है। वहीं इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि वायरल वीडियो की परिस्थितियों और उसमें दिखाई दे रही पूरी घटना की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

अब सियासत भी तेज
इल्तिजा मुफ्ती लगातार जम्मू-कश्मीर से जुड़े राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर मुखर रही हैं। अगस्त 2026 में भी उन्होंने जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक स्थिति और अनुच्छेद 370 व 35A की बहाली को लेकर प्रदर्शन किया था। 

फिलहाल कश्मीरी बच्चों से जुड़े इस वीडियो ने नारे, पहचान, धार्मिक स्वतंत्रता और बच्चों के अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सवाल यही है कि बच्चों को किसी भी राजनीतिक या धार्मिक विवाद का हिस्सा बनाने के बजाय उनकी सुरक्षा और गरिमा को प्राथमिकता क्यों नहीं दी जाए।

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