जेल में बैठकर चला रहा था नेटवर्क? आफताब के पास मिले 3 iPhone! Wi-Fi राउटर और 31 हजार कैश भी बरामद

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प्रेसीडेंसी जेल में बंद आतंकी आफताब अंसारी की सेल से स्मार्टफोन, आईफोन, राउटर और नकदी मिलने से सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कोलकाता की प्रेसिडेंसी सेंट्रल जेल से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हैरान करने वाला मामला सामने आया है। हाई-सिक्योरिटी सेल में बंद कुख्यात आतंकी आफताब अहमद अंसारी के ठिकाने से तलाशी के दौरान तीन iPhone समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं। इसके अलावा उसके पास से एक Wi-Fi राउटर और करीब 31 हजार रुपये नकद भी मिलने की बात सामने आई है।  रिपोर्ट के मुताबिक यह कार्रवाई पिछले रविवार को बेहद गोपनीय तरीके से की गई तलाशी के दौरान हुई। अधिकारियों को जब सेल के अंदर महंगे स्मार्टफोन और नेटवर्क से जुड़े उपकरण मिले तो जेल प्रशासन भी सवालों के घेरे में आ गया।

जेल में कैसे पहुंचा इतना सामान?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि हाई-सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर iPhone और Wi-Fi राउटर जैसे उपकरण आफताब तक कैसे पहुंचे? जेल में आमतौर पर कैदियों के पास मोबाइल फोन और इंटरनेट से जुड़े उपकरणों की अनुमति नहीं होती | आफताब के पास से इन सामानों की बरामदगी के बाद अब यह जांच का विषय बन गया है कि क्या उसे जेल के अंदर से किसी की मदद मिल रही थी। अधिकारियों की नजर इस बात पर भी है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था और क्या इनके जरिए जेल के बाहर किसी व्यक्ति से संपर्क किया जा रहा था।

31 हजार कैश ने बढ़ाई चिंता
तलाशी में सिर्फ मोबाइल और राउटर ही नहीं, बल्कि करीब 31 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। इतनी बड़ी रकम जेल के अंदर उसके पास पहुंचने को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आफताब अंसारी को 2002 के कोलकाता अमेरिकन सेंटर हमले और कुख्यात खादिम अपहरण मामले से जोड़ा गया था। अमेरिकी सेंटर हमले में पांच लोगों की मौत हुई थी। बाद में आफताब को गिरफ्तार किया गया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई।  ऐसे में एक सजायाफ्ता आतंकी के पास आधुनिक संचार उपकरण मिलने की घटना को सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर माना जा रहा है।

जेल प्रशासन पर उठे बड़े सवाल
इस पूरे मामले के बाद अब जांच का सबसे अहम हिस्सा यह है कि इन उपकरणों की जेल के अंदर एंट्री कैसे हुई और आफताब इनका इस्तेमाल किसके संपर्क में रहने के लिए कर रहा था। जांच एजेंसियां जेल के कर्मचारियों और अन्य संभावित संपर्कों की भूमिका की भी पड़ताल कर सकती हैं। अगर किसी अंदरूनी व्यक्ति की मदद सामने आती है तो जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर और गंभीर सवाल उठेंगे। फिलहाल तीन iPhone, Wi-Fi राउटर और नकदी की बरामदगी ने प्रेसिडेंसी जेल की निगरानी व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। अब जांच से ही साफ होगा कि यह सिर्फ जेल नियमों का उल्लंघन था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।

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