नैनीताल में भारी बारिश से हाहाकार, झील के सभी गेट खोले गए

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नैनीताल में मूसलाधार बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। झील के गेट पूरी तरह खोलने पड़े और जिले में 25 मार्ग बंद हो गए, जिससे यातायात और सामान्य जनजीवन पर बड़ा असर पड़ा है।

नैनीताल। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश ने नैनीताल जिले में हालात बिगाड़ दिए हैं। झील का जलस्तर बढ़ने के बाद उसके गेट पूरी तरह खोल दिए गए हैं, जबकि भूस्खलन और मलबा आने से 25 सड़कें बंद पड़ी हैं। इनमें राज्य मार्ग और ग्रामीण रास्ते दोनों शामिल हैं, जिससे कई इलाकों का संपर्क टूट गया है। प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों से अनावश्यक यात्रा टालने की अपील की है। बारिश का असर सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि नदियों और नालों का बहाव भी तेज हो गया है। पहाड़ी ढलानों पर लगातार दरक रही मिट्टी ने राहत और मरम्मत टीमों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।


झील का दबाव, सड़कें मलबे में दबीं

जानकारी के मुताबिक नैनीताल और आसपास के इलाकों में मंगलवार को सुबह से ही तेज बारिश होती रही। चोरगलिया क्षेत्र में 154 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो हालात की गंभीरता दिखाती है। इसी बारिश के दबाव में झील के गेट पूरी तरह खोलने पड़े ताकि पानी का स्तर नियंत्रित रहे और आसपास के निचले हिस्सों में खतरा न बढ़े। दूसरी तरफ जिले के कई हिस्सों में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरने से आवाजाही ठप हो गई। पांच राज्य मार्ग और 20 ग्रामीण मार्ग बंद होने से गांवों, बाजारों और पर्यटन क्षेत्रों तक पहुंच प्रभावित हुई है। कई जगह जेसीबी और विभागीय टीमें रास्ते खोलने में जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्य में रुकावट बन रही है।


कुमाऊं में भी बिगड़े हालात, स्कूल बंद

सिर्फ नैनीताल ही नहीं, पूरे कुमाऊं मंडल में बारिश का असर फैल गया है। अलग-अलग जिलों में 141 सड़कें बंद होने की खबर है, जिससे पर्वतीय आवागमन पर भारी दबाव बना हुआ है। हल्द्वानी, भवाली, भीमताल और आसपास के इलाकों में भी पानी भरने, नाले उफान पर आने और बाईपासों पर मलबा गिरने की शिकायतें सामने आई हैं। भवाली-नैनीबैंड-सेनिटोरियम बाईपास पर दो वाहन मलबे की चपेट में आने से बड़ा खतरा टल गया, जबकि भीमताल में घरों और दुकानों में पानी घुसने की सूचना है। प्रशासन ने नैनीताल जिले में एक से 12वीं तक के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित कर दी है, ताकि बच्चों और अभिभावकों को जोखिम से बचाया जा सके।


प्रशासन अलर्ट पर, पर्यटन और जनजीवन पर असर

नैनीताल में बारिश का असर पर्यटन कारोबार पर भी साफ दिख रहा है। सड़कें बंद होने और कई संपर्क मार्ग बाधित होने से बाहर से आने वाले पर्यटकों की आवाजाही धीमी पड़ गई है। होटल, टैक्सी और स्थानीय दुकानदारों के लिए भी यह दौर परेशानी वाला बन गया है। प्रशासन की चिंता अब इस बात पर है कि अगर बारिश का सिलसिला और लंबा चला तो भूधंसाव और सड़क टूटने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने भी पहाड़ी जिलों में बारिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। स्थानीय लोगों को नदी-नालों के पास न जाने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने को कहा गया है। मौके पर विभागों की टीमें तैनात हैं, लेकिन मौसम के मिजाज पर ही अगले कुछ घंटों का हाल टिका है।

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