वोटर लिस्ट से नाम कटा तो घर आएंगे अधिकारी, SIR में दस्तावेज लेकर होगा सत्यापन, अब तक 30 राज्यों-UT में 13.37 करोड़ नाम हटे

top-news
SIR को लेकर जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने मसौदा मतदाता सूची से छूटे पात्र लोगों को नाम जुड़वाने का मौका दिया है। दिल्ली और महाराष्ट्र में दावा-आपत्ति की समयसीमा भी बढ़ाई गई है। आयोग के मुताबिक, 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 13.37 करोड़ नाम मसौदा सूची से कम हुए हैं।

विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने शनिवार को अहम बैठक की। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी की मौजूदगी में हुई बैठक में तय किया गया कि जिन पात्र लोगों के नाम SIR की मसौदा मतदाता सूची में नहीं हैं, वे नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी स्पष्ट किया गया है कि मसौदा सूची में नाम नहीं मिलने वाले पात्र मतदाता दावा अवधि के दौरान फॉर्म-6 के जरिए नाम जुड़वाने का अनुरोध कर सकते हैं। आयोग के मुताबिक, आवेदन के बाद जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाएगा। वहीं, शनिवार की बैठक के बाद आयोग ने दिल्ली और महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाने की भी जानकारी दी। आयोग ने SIR और फॉर्म-6 से जुड़े अपने फैसलों को सर्वसम्मति से लिया गया और सुप्रीम कोर्ट से बरकरार बताया है।


13.37 करोड़ नाम मसौदा सूची से कम हुए

आयोग के मुताबिक, SIR के तहत अब तक 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की मसौदा मतदाता सूचियों में 13.37 करोड़ नाम कम हुए हैं। यह SIR से पहले मौजूद कुल मतदाताओं का करीब 14.1 प्रतिशत बताया गया है। अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह अनुपात अलग रहा है। दिल्ली में मसौदा सूची में मतदाताओं की संख्या में सबसे बड़ी कमी 32.8 प्रतिशत बताई गई है। इसके बाद दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव में 29.6 प्रतिशत, तेलंगाना में 21.7 प्रतिशत, महाराष्ट्र में 21.1 प्रतिशत और अंडमान-निकोबार में 20.6 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। हालांकि, मसौदा सूची से नाम कम होना अंतिम रूप से मतदाता सूची से नाम हटना नहीं माना जाता। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भी कहा है कि नोटिस जारी होने का मतलब स्वतः नाम हटना नहीं है और संबंधित मतदाताओं को जवाब देने तथा दस्तावेज जमा करने का अवसर दिया जा रहा है।


दिल्ली-महाराष्ट्र में दावा-आपत्ति की समयसीमा बढ़ी

आयोग ने दिल्ली और महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाने का फैसला किया है। आयोग की ओर से शनिवार को जारी जानकारी के मुताबिक, दोनों राज्यों में अब 30 अक्टूबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। दिल्ली में इन मामलों के निपटारे की समयसीमा 30 नवंबर और महाराष्ट्र में 10 नवंबर तय की गई है।

मतदाता आयोग के नागरिक सेवा पोर्टल के जरिए भी अपनी स्थिति देख सकते हैं। आयोग के पोर्टल पर SIR से संबंधित सेवाओं के साथ फॉर्म-6 भरने, मतदाता सूची में नाम खोजने और आवेदन की स्थिति देखने की सुविधा उपलब्ध है।


फॉर्म-6 को लेकर आयोग ने क्या कहा

SIR के दौरान फॉर्म-6 से जुड़े घोषणा पत्र और पुराने मतदाता रिकॉर्ड की जानकारी को लेकर भी विवाद हुआ है। चुनाव आयोग ने शनिवार को कहा कि SIR और फॉर्म-6 से जुड़े उसके फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं और सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी इनका परीक्षण हो चुका है। आयोग ने इस मामले में किसी बदलाव की बात नहीं कही है। वहीं, इस पूरी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद भी जारी है। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों पर 14 बार आपत्ति दर्ज की थी। यह रिपोर्ट विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के बीच सामने आई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *