जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले भाजपा का राहुल गांधी और केजरीवाल पर हमला, देश अस्थिर करने का लगाया आरोप
- Babli Ansari
- 10 Oct, 2026
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विपक्षी प्रदर्शन से दिल्ली की सियासत गरमा गई है। भाजपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगियों पर देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश का आरोप लगाया है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने शनिवार को प्रेसवार्ता में कहा कि चुनावी जनादेश स्वीकार करने के बजाय विपक्षी नेता आंदोलन और राजनीतिक बयानबाजी के जरिए माहौल बिगाड़ने में जुटे हैं। प्रदर्शन में मुख्य रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जानी है। विपक्ष मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और वोट हटाए जाने के आरोप लगा रहा है। दिल्ली पुलिस की अनुमति को लेकर भी विवाद बना हुआ है, जिससे टकराव की आशंका बढ़ गई है।
भाजपा ने लगाए गंभीर आरोप
नितिन नबीन ने राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल को दो ऐसे राजनीतिक धड़ों का नेता बताया, जो अपने एजेंडे के लिए देश में अव्यवस्था का माहौल बनाना चाहते हैं। उनके मुताबिक, विपक्ष जनता के फैसले को मानने के बजाय सड़कों पर दबाव की राजनीति कर रहा है। भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इस पूरी कवायद के पीछे विदेशी ताकतों का प्रभाव भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारत के लोग शांति और विकास चाहते हैं, जबकि कुछ नेता लगातार संस्थाओं और सरकार के खिलाफ अविश्वास फैलाने में लगे हैं। भाजपा प्रवक्ताओं ने भी आंदोलन को अराजकता से जोड़ते हुए राहुल गांधी की भाषा पर सवाल उठाए। पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक विरोध का अधिकार अपनी जगह है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर बिना ठोस प्रमाण आरोप लगाना गंभीर मामला है।
वोटर लिस्ट को लेकर विपक्ष का मोर्चा
विपक्षी दलों का कहना है कि विवाद केवल चुनाव आयोग तक सीमित नहीं है। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि लगातार जनदबाव बनाया गया तो सरकार और चुनाव व्यवस्था में बदलाव की शुरुआत होगी। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मतदाता सूचियों से भाजपा विरोधी मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की और कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरना जरूरी है। जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और वाम दलों के कई नेता इस मुद्दे पर एकजुटता दिखा रहे हैं। हालांकि चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर लगे आरोपों को लेकर अंतिम तस्वीर जांच और आधिकारिक जवाब के बाद ही साफ होगी।
प्रदर्शन पर पुलिस की नजर, बढ़ सकती है सियासी तनातनी
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रदर्शन की अनुमति और स्थान को लेकर असहमति के बीच पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई जा सकती है। विपक्षी नेताओं ने इसे शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक अधिकार बताया है, जबकि भाजपा का आरोप है कि आंदोलन के नाम पर राजधानी में तनाव पैदा करने की तैयारी है। केजरीवाल ने संकेत दिया है कि वह अपने परिवार के साथ प्रदर्शन में शामिल होंगे। राहुल गांधी भी इस मुद्दे को विपक्षी एकजुटता और चुनावी पारदर्शिता से जोड़ रहे हैं। अब निगाहें प्रदर्शन के दिन की गतिविधियों और नेताओं के अगले कदम पर टिकी हैं। सियासी बयानबाजी तेज होने के साथ चुनाव आयोग की भूमिका, मतदाता सूची की विश्वसनीयता और दिल्ली में कानून-व्यवस्था का सवाल केंद्र में आ गया है।
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