ट्रैफिक पर बड़ा एक्शन! ब्लैक स्पॉट पर पुलिस, पार्किंग के लिए नया प्लान
- Babli Ansari
- 17 Oct, 2026
जम्मू और श्रीनगर में सड़क हादसों और जाम पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने बहुस्तरीय यातायात योजना तैयार की है। ब्लैक स्पॉट पर पुलिस तैनाती, नए पार्किंग स्थल और स्मार्ट निगरानी व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
जम्मू-श्रीनगर में ट्रैफिक जाम और हादसों पर प्रशासन सख्त
जम्मू-कश्मीर के जम्मू और श्रीनगर में ट्रैफिक जाम की समस्या कम करने और सड़क सुरक्षा मजबूत बनाने के लिए प्रशासन ने कई अहम कदम उठाने की तैयारी की है। मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यातायात व्यवस्था, पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन और सड़क हादसों से निपटने के उपायों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि दोनों शहरों में ट्रैफिक साइनबोर्ड की नियमित जांच की जाए और जहां संकेतक खराब या अपर्याप्त हैं, वहां कमियों को जल्द दूर किया जाए। इसके अलावा, दुर्घटनाओं के आंकड़ों का विश्लेषण करके उन स्थानों की पहचान की जाएगी जहां हादसों का खतरा अधिक रहता है। ऐसे ब्लैक स्पॉट और संवेदनशील इलाकों में ट्रैफिक पुलिस की तैनाती जरूरत के हिसाब से करने पर जोर दिया गया है, ताकि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित हो और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
जम्मू में 17 पार्किंग स्थल, श्रीनगर के 300 स्थानों पर निगरानी
शहरों में अव्यवस्थित पार्किंग ट्रैफिक जाम की बड़ी वजह बनती है। इसे नियंत्रित करने के लिए जम्मू में सड़क किनारे पार्किंग के 17 स्थल चिन्हित किए गए हैं। इनमें से तीन चालू हैं, जबकि सात वेंडरों को आवंटित किए जा चुके हैं। श्रीनगर में प्रमुख व्यावसायिक इलाकों के 300 पार्किंग स्थानों की निगरानी ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन यानी ANPR सिस्टम से की जा रही है। इनमें एमए रोड, लाल चौक, रेजिडेंसी रोड, झेलम रिवरफ्रंट और करण नगर जैसे इलाके शामिल हैं। श्रीनगर में जीआईएस आधारित पार्किंग प्रबंधन योजना तैयार की जा रही है, जबकि जम्मू नगर निगम ने पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए अलग सेल बनाया है। इसके साथ ही दोनों शहरों के इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को फेस रिकग्निशन तकनीक से अपग्रेड करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
79 लाख ई-चालान, स्कूल बसों और सड़क सुरक्षा पर भी नजर
जनवरी से जुलाई 2026 के बीच जम्मू और श्रीनगर में कुल 2,79,695 ई-चालान जारी किए गए, जिनमें जुर्माने की रकम लगभग 30.70 करोड़ रुपये थी। जम्मू में 1,75,384 और श्रीनगर में 1,04,311 चालान दर्ज किए गए। बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहनों के करीब 68 हजार पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द किए जाने की जानकारी भी दी गई। अब प्रशासन भारी यात्री वाहनों, खासकर स्कूल बसों की सुरक्षा जांच मजबूत करने की तैयारी कर रहा है। दुर्घटना पीड़ितों को समय पर इलाज दिलाने के लिए PM-RAHAT योजना के तहत शिकायत निवारण व्यवस्था प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया है। जम्मू में इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग ढांचे के लिए 15 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि श्रीनगर के पंथाचौक में 100 बसों की क्षमता वाला चार्जिंग स्टेशन विकसित किया गया है। अब चुनौती इन योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने की है, ताकि लोगों को जाम से राहत मिले और सड़कें ज्यादा सुरक्षित बन सकें।
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