चोरबागान दुर्गा पूजा भगदड़ मामले में पुलिस की कार्रवाई, BNS की तीन धाराओं में केस दर्ज, 14 लोग हिरासत में, 19 लोगों की गई थी जान

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कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत और 25 लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर 14 लोगों को हिरासत में लिया है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये और नौकरी देने की घोषणा की है।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान इलाके में दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद पुलिस ने मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए गिरिश पार्क थाने में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 110 और 3(5) के तहत कार्रवाई करते हुए 14 लोगों को हिरासत में लिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के मुताबिक, हादसे में 17 लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। घायलों में 24 की हालत स्थिर बताई गई है, जबकि एक व्यक्ति की स्थिति गंभीर है। घटना के बाद राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। वहीं, विपक्ष ने हादसे को प्रशासनिक विफलता बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।


मृतकों के परिवारों को 25 लाख रुपये और नौकरी

राज्य सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का एलान किया है। घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। इसके अलावा प्रत्येक घायल को पांच लाख रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार का कहना है कि प्रभावित परिवारों और घायलों को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। हादसे के बाद राहत और चिकित्सा व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है। घटना में बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने के कारण प्रशासन के सामने घायलों के उपचार और मृतकों के परिवारों तक मदद पहुंचाने की चुनौती है।


पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, 14 लोग हिरासत में

भगदड़ के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए गिरिश पार्क थाने में मामला दर्ज किया। एफआईआर में BNS की धारा 105, 110 और 3(5) लगाई गई हैं। पुलिस ने अब तक 14 लोगों को हिरासत में लिया है और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। दूसरी ओर, हादसे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने इसे प्रशासनिक विफलता बताते हुए सवाल उठाए हैं। उन्होंने मृतकों के पोस्टमॉर्टम और उनके परिवारों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की। पुलिस की जांच में घटना के कारणों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है।


बोबाजार के कुछ हिस्सों में प्रतिबंध, कई नेताओं ने जताया दुख

हादसे के बाद प्रशासन ने बोबाजार के कुछ इलाकों में 18 से 20 अक्टूबर तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए हैं। इस घटना पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और नवीन पटनायक समेत कई नेताओं ने शोक जताया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ घायलों से मिलने जाएंगे। हादसे के बाद राज्य में पूजा से जुड़े कार्यक्रम भी रद्द कर दिए गए हैं। घटना ने सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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