शरद पूर्णिमा पर रात में चमकेगा ताजमहल, एएसआई ने जारी किए नाइट व्यूइंग टिकट
- Babli Ansari
- 22 Oct, 2026
आगरा। शरद पूर्णिमा की चांदनी रात ताजमहल के संगमरमर पर उतरने वाली रोशनी इस बार फिर पर्यटकों को अपनी ओर खींचेगी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने पूर्णिमा के मौके पर ताजमहल के रात्रि दर्शन की तैयारी शुरू कर दी है। सीमित संख्या में टिकट जारी किए जाएंगे, इसलिए लोगों को बुकिंग के लिए जल्द फैसला लेना होगा। रात में स्मारक देखने का यह अवसर सामान्य दिनों से अलग होता है और इसे लेकर देश-विदेश के सैलानियों में खासा उत्साह रहता है। ताजमहल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी। पर्यटकों को निर्धारित समय, प्रवेश व्यवस्था और प्रतिबंधित वस्तुओं से जुड़े नियमों का पालन करना होगा। जानकारी के मुताबिक रात्रि दर्शन की व्यवस्था चांदनी, सुरक्षा और स्मारक संरक्षण को ध्यान में रखकर की जा रही है।
सीमित टिकटों के साथ होगा रात्रि दर्शन
एएसआई की व्यवस्था के तहत ताजमहल का रात में दीदार सीमित समूहों में कराया जाता है। पर्यटकों को मुख्य मकबरे के भीतर जाने की अनुमति नहीं होती, बल्कि निर्धारित दूरी और बैच के अनुसार दर्शन कराया जाता है। प्रत्येक समूह को कुछ समय के लिए परिसर के तय हिस्से में रुकने दिया जाता है, ताकि भीड़ नियंत्रित रहे और स्मारक को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। टिकटों की बिक्री ऑनलाइन माध्यम से होने की संभावना रहती है और पहचान पत्र साथ रखना जरूरी होता है। अधिकारियों के मुताबिक टिकट सीमित होने के कारण मौके पर सामान्य प्रवेश की तरह सुविधा नहीं मिलेगी। देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए शुल्क अलग-अलग हो सकता है। टिकट लेने से पहले तारीख, रिपोर्टिंग समय और प्रवेश स्थान की जानकारी ध्यान से जांचनी होगी।
चांदनी में संगमरमर की बदलेगी आभा
शरद पूर्णिमा की रात ताजमहल का आकर्षण दिन के मुकाबले बिल्कुल अलग दिखाई देता है। सफेद संगमरमर पर पड़ती चांदनी स्मारक की नक्काशी और गुंबद को हल्की चमक देती है। इसी अनुभव के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक आगरा पहुंचते हैं। पूर्णिमा तिथि को लेकर पंचांगों में समय का अंतर बताया जा रहा है, लेकिन पर्व की मुख्य रात चंद्रमा के पूर्ण प्रकाश के कारण विशेष मानी जा रही है। मौसम साफ रहा तो यमुना किनारे से ताज का दृश्य और भी प्रभावी होगा। प्रशासन और एएसआई की प्राथमिकता पर्यटकों को सुरक्षित तरीके से दर्शन कराने की है। तेज रोशनी, कैमरा उपकरण, बड़े बैग और अन्य प्रतिबंधित सामान लेकर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। स्मारक परिसर में अनुशासन तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जा सकती है।
पर्यटकों को समय से पहले पहुंचना होगा
रात्रि दर्शन के लिए टिकट पाने वाले पर्यटकों को रिपोर्टिंग समय से पहले निर्धारित स्थान पर पहुंचना होगा। देरी होने पर प्रवेश में परेशानी आ सकती है, क्योंकि समूहवार प्रवेश में किसी एक व्यक्ति की वजह से पूरी प्रक्रिया प्रभावित होती है। सुरक्षा जांच के बाद ही आगंतुकों को आगे बढ़ाया जाएगा। स्थानीय होटल, ट्रैवल एजेंसियों और पर्यटन कारोबारियों को इस आयोजन से कारोबार बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, पर्यटकों को फर्जी टिकट और अनधिकृत बुकिंग कराने वालों से सावधान रहने की सलाह दी गई है। टिकट केवल अधिकृत माध्यम से लेने चाहिए। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम कार्यक्रम, शुल्क, बैच और प्रवेश से जुड़े निर्देश आधिकारिक सूचना के आधार पर ही माने जाएं। रात्रि दर्शन के दौरान नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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