चक्रवात के खतरे के बीच राष्ट्रपति मुर्मु का ओडिशा दौरा टला, अब 4-5 नवंबर को पहुंचेंगी

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ओडिशा में चक्रवात के खतरे के चलते राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का प्रस्तावित दौरा टालने की खबर सामने आई है। राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की नई तारीख 4 और 5 नवंबर बताई गई है, हालांकि दौरे की तारीख और कार्यक्रमों की पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी देखना जरूरी है।

भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में बन रहे संभावित चक्रवाती तूफान का असर अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के ओडिशा दौरे पर भी पड़ा है। खराब मौसम और सुरक्षा तैयारियों को देखते हुए 28-29 अक्टूबर का प्रस्तावित दौरा एक सप्ताह के लिए टाल दिया गया है। अब राष्ट्रपति के 4 और 5 नवंबर को मयूरभंज जिले पहुंचने की संभावना है। जिला प्रशासन से जुड़े अधिकारियों ने कार्यक्रम में बदलाव की जानकारी दी है। दौरा रद नहीं किया गया है, बल्कि मौसम की स्थिति सुधरने तक आगे बढ़ाया गया है। राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पहले से तैयारियों में जुटे थे। चक्रवात की आशंका के बीच राहत-बचाव एजेंसियों की तैनाती और संवेदनशील इलाकों पर निगरानी बढ़ाए जाने के कारण यह फैसला लिया गया।


मयूरभंज में प्रस्तावित है राष्ट्रपति का कार्यक्रम

राष्ट्रपति मुर्मु का प्रस्तावित दौरा मुख्य रूप से मयूरभंज जिले से जुड़ा है। कार्यक्रम के दौरान उनके कई स्थानीय आयोजनों में शामिल होने और निर्धारित स्थलों का दौरा करने की तैयारी थी। आधिकारिक कार्यक्रम में बदलाव के बाद जिला प्रशासन को सुरक्षा, यातायात और प्रोटोकॉल से जुड़ी व्यवस्थाएं नए सिरे से तय करनी होंगी। अधिकारियों के मुताबिक, संशोधित तारीखों को लेकर संबंधित विभागों को सूचना दी जा रही है। अंतिम कार्यक्रम मौसम की स्थिति और राष्ट्रपति सचिवालय की मंजूरी के आधार पर तय होगा। राष्ट्रपति का ओडिशा दौरा राज्य के लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि वह स्वयं ओडिशा से आती हैं और मयूरभंज से उनका गहरा संबंध है। ऐसे में उनके स्वागत और कार्यक्रमों को लेकर स्थानीय स्तर पर भी काफी उत्साह था।


सभी जिलों में अलर्ट, तटीय इलाकों पर खास नजर

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बाद ओडिशा सरकार ने सभी 30 जिलों को सतर्क कर दिया है। संभावित मौसम प्रणाली के 24 अक्टूबर तक कम दबाव वाले क्षेत्र से अवदाब और उसके बाद गहरे अवदाब में बदलने की आशंका जताई गई थी। इसके बाद इसके चक्रवाती तूफान का रूप लेने और उत्तर आंध्र प्रदेश तथा दक्षिण ओडिशा तट की ओर बढ़ने का अनुमान है। गंजाम, गजपति और पुरी में 27 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 28 अक्टूबर को रायगढ़ा, कोरापुट, मलकानगिरी, गजपति और गंजाम में भी तेज बारिश का पूर्वानुमान है। राज्य सरकार ने अधिकारियों की छुट्टियां रद कर दी हैं। मछुआरों को समुद्र से लौटने की सलाह दी गई है।


राहत-बचाव दल तैनात, मौसम सुधरने पर होगा अगला फैसला

राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। संवेदनशील इलाकों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल की टीमें तैनात की जा रही हैं। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की सलाह मानने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। अधिकारियों की नजर तटीय जिलों के साथ उन इलाकों पर भी है, जहां तेज बारिश से बाढ़ या भूस्खलन का खतरा पैदा हो सकता है। राष्ट्रपति का नया कार्यक्रम मौसम विभाग की रिपोर्ट, सुरक्षा आकलन और स्थानीय हालात की समीक्षा के बाद अंतिम रूप लेगा। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता चक्रवात से निपटना और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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