चक्रवात अर्नब से आंध्र-ओडिशा में भारी नुकसान, पेड़ उखड़े और सड़कें-पुल टूटे, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में बारिश बढ़ाएगी ठंड

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चक्रवात अर्नब के तट से टकराने के बाद आंध्र प्रदेश में भारी नुकसान हुआ है। सात लोगों की मौत की खबर है, जबकि ओडिशा में राहत अभियान जारी है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड और हरियाणा समेत कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।

बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे गिर गए और कई जगह सड़कें बाधित हुईं। 29 अक्टूबर की सुबह तक सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में तूफान से जुड़ी घटनाओं में सात लोगों की मौत की खबर है। ओडिशा में प्रशासन ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया है। तूफान का असर तटीय राज्यों के अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में बारिश के रूप में दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में तेज हवाओं, गरज-चमक और भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कुछ जिलों में स्कूल बंद रखने और संवेदनशील क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने जैसे कदम उठाए गए हैं।


आंध्र प्रदेश में तूफान से नुकसान, ओडिशा में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया

चक्रवात अर्नब 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के यानम क्षेत्र के आसपास तट से टकराया। इस दौरान हवा की रफ्तार करीब 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची और कई इलाकों में भारी बारिश हुई। तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से यातायात तथा बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। कुछ स्थानों पर मकानों और फसलों को भी नुकसान पहुंचा। ओडिशा में प्रशासन ने चक्रवात से पहले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत शिविरों में ठहराने की व्यवस्था की। राज्य के दक्षिणी जिलों में भारी बारिश के कारण सड़क संपर्क प्रभावित होने की खबरें भी सामने आईं। गजपति जिले में बालीबाड़ा घाटी रोड पर भूस्खलन के कारण रास्ता बंद होने और कई गांवों का संपर्क टूटने की जानकारी दी गई। राहत दलों को प्रभावित इलाकों में स्थिति सामान्य करने के लिए लगाया गया है।


मध्य प्रदेश और राजस्थान में बारिश, तापमान में भी गिरावट

चक्रवात के प्रभाव से मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश जारी है। सतना, कटनी और छतरपुर सहित अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, बैतूल, हरदा और ग्वालियर समेत कई जिलों में बारिश की चेतावनी दी है। राजस्थान में भी मौसम का मिजाज बदला है। भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ इलाकों में बादल छाने के बाद हल्की बारिश हुई। राज्य के 27 जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। बारिश और बादलों के कारण कई शहरों में तापमान नीचे आया है। सीकर और फतेहपुर में रात का तापमान करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की खबर है। मौसम में आए बदलाव से सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ गई है। लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और स्थानीय प्रशासन की सलाह पर ध्यान देने को कहा गया है।


उत्तराखंड और हरियाणा में भी मौसम खराब, कई जिलों में चेतावनी

उत्तराखंड के देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी और टिहरी में रुक-रुककर बारिश होने की खबर है। केदारनाथ में बर्फबारी के बाद बारिश हुई, जबकि खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित हुई। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। हरियाणा के पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद और यमुनानगर के कुछ हिस्सों में भी बारिश हुई। मौसम विभाग ने प्रदेश के 15 जिलों में बारिश और तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि और आंधी की आशंका भी जताई गई है। चक्रवात का असर पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में मौसम को प्रभावित कर रहा है। लोगों को जलभराव वाले रास्तों, कमजोर पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।

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