नोएडा में साफ पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए प्राधिकरण की योजना, 45 करोड़ रुपये से दो रैनीवेल बनाकर मजबूत की जाएगी जलापूर्ति व्यवस्था
- Shiv Kumar
- 02 Nov, 2026
नोएडा में पानी की उपलब्धता बढ़ाने और गंगाजल की सप्लाई बाधित होने पर होने वाली परेशानी कम करने के लिए प्राधिकरण दो नए रैनीवेल बनाएगा। ये सेक्टर-132 और सेक्टर-135 में यमुना किनारे विकसित किए जाएंगे। दोनों रैनीवेल की क्षमता 17-17 एमएलडी होगी। इनके शुरू होने के बाद शहर को रोजाना 34 एमएलडी अतिरिक्त पानी मिल सकेगा। परियोजना पर करीब 45 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्राधिकरण की योजना इन रैनीवेल से 300 से 400 टीडीएस वाला पानी उपलब्ध कराने की है। गंग नहर की सफाई या किसी तकनीकी खराबी के कारण गंगाजल की सप्लाई बंद होने पर इनसे शहर की जरूरत पूरी करने में मदद मिलेगी।
नोएडा में रोजाना 450 एमएलडी से ज्यादा पानी की जरूरत
नोएडा में रोजाना 450 एमएलडी से अधिक पानी की मांग है। मौजूदा व्यवस्था में शहर को गंगाजल से करीब 240 एमएलडी पानी मिलता है। इसके अलावा नलकूपों से लगभग 110 एमएलडी और रैनीवेल के जरिए करीब 100 एमएलडी पानी की सप्लाई की जाती है। गंगाजल की आपूर्ति गाजियाबाद के प्रताप विहार और सिद्धार्थ विहार स्थित प्लांट से होती है। शहर की बढ़ती आबादी और पानी की जरूरत को देखते हुए प्राधिकरण वैकल्पिक स्रोतों से आपूर्ति बढ़ाने पर काम कर रहा है। यमुना किनारे बनने वाले नए रैनीवेल इसी योजना का हिस्सा हैं। इनसे मिलने वाला पानी गंगाजल की सप्लाई प्रभावित होने की स्थिति में अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराएगा।
अभी आठ रैनीवेल से मिल रहा 100 एमएलडी पानी, तीन और जल्द होंगे शुरू
नोएडा प्राधिकरण के जीएम जल आरपी सिंह के मुताबिक, शहर में फिलहाल आठ रैनीवेल संचालित हैं। इनसे रोजाना करीब 100 एमएलडी पानी की आपूर्ति हो रही है। इसके अलावा तीन अन्य रैनीवेल भी जल्द शुरू किए जाएंगे। सेक्टर-132 और सेक्टर-135 में प्रस्तावित दो नए रैनीवेल भी इसी व्यवस्था का हिस्सा होंगे। सभी प्रस्तावित रैनीवेल शुरू होने के बाद इनसे करीब 160 एमएलडी पानी की सप्लाई हो सकेगी। इससे शहर की कुल जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। प्राधिकरण का लक्ष्य पानी के अलग-अलग स्रोत विकसित कर गंगाजल पर निर्भरता कम करना और जरूरत के समय वैकल्पिक आपूर्ति उपलब्ध कराना है।
गंग नहर की सफाई के दौरान पानी की कमी से मिलेगी राहत
गंग नहर की सफाई या तकनीकी खराबी के कारण गंगाजल की सप्लाई बंद होने पर नोएडा के कई इलाकों में पानी की कमी हो जाती है। ऐसी स्थिति में लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ता है। नए रैनीवेल शुरू होने से आपूर्ति में आई कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी। प्राधिकरण की योजना है कि इनसे मिलने वाले पानी का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार किया जाए, ताकि गंगाजल की आपूर्ति बाधित होने पर भी शहर में पानी की उपलब्धता बनी रहे। अधिकारियों के मुताबिक, फरीदाबाद में करीब 32 रैनीवेल संचालित हैं और वहां जलापूर्ति में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी मॉडल को ध्यान में रखते हुए नोएडा में भी रैनीवेल की संख्या बढ़ाई जा रही है।
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