ग्रेटर नोएडा में PNB के 10.24 करोड़ रुपये के घोटाले में CBI की बड़ी कार्रवाई, बैंक की महिला कर्मचारी समेत दो गिरफ्तार
- Shiv Kumar
- 04 Nov, 2026
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा में ग्राहकों के खातों से 10.24 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई ने मंगलवार को बैंक की महिला कर्मचारी दीपांशी और एक निजी व्यक्ति आशुतोष कुमार पाठक को गिरफ्तार किया है। दीपांशी बैंक में ऑफिस असिस्टेंट/सब स्टाफ के पद पर कार्यरत बताई गई हैं। दोनों पर अन्य लोगों के साथ मिलकर ग्राहकों के खातों से अनधिकृत तरीके से रकम निकालने और उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर करने की साजिश में शामिल होने का आरोप है। सीबीआई के मुताबिक, पंजाब नेशनल बैंक की शिकायत के आधार पर 29 अक्टूबर 2026 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि बैंक की पाई-1 शाखा में ग्राहकों के विभिन्न खातों से करीब 10.24 करोड़ रुपये की अनधिकृत निकासी की गई। मामले की जांच के दौरान दोनों आरोपियों की भूमिका सामने आने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। सीबीआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि खातों से निकाली गई रकम कहां भेजी गई और इस कथित धोखाधड़ी में अन्य किन लोगों की भूमिका रही है।
ग्राहकों के खातों से 10.24 करोड़ रुपये निकालने का आरोप
पंजाब नेशनल बैंक की सेक्टर पाई-1 शाखा में ग्राहकों के खातों से बड़ी रकम की अनधिकृत निकासी का मामला सामने आने के बाद बैंक प्रबंधन की ओर से सीबीआई को शिकायत दी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि शाखा के विभिन्न ग्राहक खातों से करीब 10.24 करोड़ रुपये निकाले गए। इस रकम को कथित तौर पर बैंक की महिला कर्मचारी ने एक निजी व्यक्ति और अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर निकालने तथा दूसरे खातों में ट्रांसफर करने में भूमिका निभाई। शिकायत के आधार पर सीबीआई ने 29 अक्टूबर 2026 को एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। जांच एजेंसी बैंक खातों से हुए लेनदेन और रकम के ट्रांसफर से जुड़ी जानकारी की पड़ताल कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कितने ग्राहकों के खाते प्रभावित हुए हैं और अनधिकृत निकासी कितने समय के दौरान की गई। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद सामने आ सकेंगे।
बैंक की महिला कर्मचारी दीपांशी और आशुतोष कुमार पाठक गिरफ्तार
सीबीआई ने मामले की जांच के दौरान पंजाब नेशनल बैंक की कर्मचारी दीपांशी और निजी व्यक्ति आशुतोष कुमार पाठक को गिरफ्तार किया है। दीपांशी बैंक में ऑफिस असिस्टेंट/सब स्टाफ के पद पर कार्यरत बताई गई हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, दोनों की कथित भूमिका ग्राहकों के खातों से रकम की अनधिकृत निकासी और उसे अन्य खातों में ट्रांसफर करने के मामले से जुड़ी है। बैंक की शिकायत में महिला कर्मचारी के साथ एक निजी व्यक्ति और कुछ अज्ञात लोगों की मिलीभगत का आरोप लगाया गया था। इसी आधार पर सीबीआई ने मामले की जांच आगे बढ़ाई। मंगलवार को दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई। हालांकि, सीबीआई ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि कथित धोखाधड़ी में प्रत्येक आरोपी की अलग-अलग क्या भूमिका थी और रकम निकालने के लिए किस प्रक्रिया का इस्तेमाल किया गया। जांच एजेंसी अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी खंगाल रही है।
पुणे की विशेष सीबीआई अदालत से लिया ट्रांजिट रिमांड
सीबीआई ने निजी व्यक्ति आशुतोष कुमार पाठक को गिरफ्तार करने के बाद महाराष्ट्र के पुणे स्थित विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया। जांच एजेंसी के मुताबिक, अदालत से आरोपी का ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया है। ट्रांजिट रिमांड के माध्यम से गिरफ्तार आरोपी को संबंधित न्यायिक क्षेत्र में ले जाने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाती है। इस मामले में सीबीआई ने गिरफ्तारी के बाद अदालत के समक्ष आवश्यक कार्रवाई की। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में ट्रांजिट रिमांड की अवधि और आरोपी को आगे किस अदालत में पेश किया जाएगा, इसका विवरण नहीं दिया गया है। वहीं, बैंक की महिला कर्मचारी दीपांशी की गिरफ्तारी के बाद हुई न्यायिक कार्रवाई के संबंध में भी अलग से जानकारी उपलब्ध नहीं है। फिलहाल सीबीआई दोनों आरोपियों की कथित भूमिका और बैंक खातों से हुए संदिग्ध लेनदेन की जांच कर रही है। एजेंसी की जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की विस्तृत तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
रकम कहां ट्रांसफर हुई और कौन-कौन शामिल, इसकी जांच जारी
सीबीआई के सामने अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि पंजाब नेशनल बैंक के ग्राहकों के खातों से कथित तौर पर निकाले गए 10.24 करोड़ रुपये आखिर किन खातों में ट्रांसफर किए गए। जांच एजेंसी इस रकम के लेनदेन और उससे जुड़े लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है। बैंक की शिकायत में महिला कर्मचारी और निजी व्यक्ति के अलावा अन्य अज्ञात लोगों की मिलीभगत का भी आरोप लगाया गया था। ऐसे में सीबीआई यह जांच कर रही है कि क्या इस मामले में कुछ और लोग शामिल थे। इसके साथ ही ग्राहकों के खातों से अनधिकृत निकासी किस तरह की गई, यह भी जांच का विषय है। फिलहाल एजेंसी ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच जारी होने की जानकारी दी है। कथित धोखाधड़ी में किसी आरोपी की आपराधिक जिम्मेदारी अदालत में साक्ष्यों के आधार पर तय होगी। अभी मामले में आरोपों की जांच चल रही है।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *






