दिल्ली एयरपोर्ट पर ड्रग्स तस्करी का मामला सामने आया, गिनी के नागरिक के शरीर से 36 कैप्सूल बरामद, वजन 559 ग्राम
- Shiv Kumar
- 06 Nov, 2026
नई दिल्ली। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने नशीले पदार्थों की तस्करी के संदेह में गिनी के एक नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 37 वर्षीय टोनोला लुआ (Tonola Loua) के रूप में हुई है। कस्टम अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी अपने शरीर के अंदर कैप्सूल छिपाकर भारत पहुंचा था। जांच के दौरान उसके शरीर से 36 कैप्सूल बरामद किए गए, जिनका कुल वजन 559 ग्राम बताया गया है। इन कैप्सूल में संदिग्ध नशीला पदार्थ भरा हुआ था। आरोपी 28 अक्टूबर 2026 को इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा था। एयरपोर्ट पर उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने के बाद कस्टम अधिकारियों ने उसे जांच के लिए रोका। पूछताछ में उसने शरीर के अंदर कैप्सूल छिपाने की बात स्वीकार की। इसके बाद मजिस्ट्रेट के आदेश पर उसे सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकीय निगरानी में कैप्सूल निकाले गए। प्रारंभिक जांच में बरामद पदार्थ के नशीला होने का संकेत मिला है। हालांकि, पदार्थ की सटीक पहचान की अंतिम पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। कस्टम विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि आरोपी इस खेप को भारत में किसके पास पहुंचाने वाला था।
कोनाक्री से अदीस अबाबा होते हुए दिल्ली पहुंचा था आरोपी
कस्टम विभाग के अनुसार, आरोपी टोनोला लुआ ने गिनी के कोनाक्री से अपनी यात्रा शुरू की थी। वह पहले फ्लाइट संख्या ET932 से अदीस अबाबा पहुंचा। इसके बाद 28 अक्टूबर को फ्लाइट संख्या ET686 से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर उतरा। एयरपोर्ट पर ग्रीन चैनल से गुजरते समय कस्टम अधिकारियों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। इसके बाद उसे रोककर उसके सामान की एक्स-रे जांच की गई। जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए अधिकारियों ने दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में आरोपी को कस्टम के प्रिवेंटिव रूम में ले जाकर पूछताछ की। अधिकारियों के मुताबिक, इसी दौरान आरोपी ने बताया कि उसने अपने शरीर के अंदर संदिग्ध नशीले पदार्थ से भरे कैप्सूल छिपा रखे हैं।
सफदरजंग अस्पताल में शरीर से निकाले गए 36 कैप्सूल
आरोपी के शरीर में कैप्सूल होने की जानकारी मिलने के बाद कस्टम अधिकारियों ने निर्धारित कानूनी प्रक्रिया अपनाई। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने शरीर का एक्स-रे कराने और कैप्सूल बाहर निकालने के लिए सहमति दी थी। इसके बाद मजिस्ट्रेट के आदेश पर 28 अक्टूबर को उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी के दौरान उसके शरीर से कुल 36 अंडाकार कैप्सूल बरामद किए गए। ये कैप्सूल पीले रंग की पारदर्शी प्लास्टिक में लिपटे हुए थे। बरामद कैप्सूल का कुल वजन 559 ग्राम बताया गया है। इनके अंदर पाउडरनुमा संदिग्ध पदार्थ मौजूद था। कस्टम अधिकारियों ने बरामदगी से संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए पदार्थ को अपने कब्जे में ले लिया और आगे की जांच शुरू की।
ड्रग डिटेक्शन जांच में पॉजिटिव मिला संदिग्ध पदार्थ
कस्टम अधिकारियों के मुताबिक, बरामद कैप्सूल में मौजूद पाउडरनुमा पदार्थ की शुरुआती जांच ड्रग डिटेक्शन मशीन से की गई। इस जांच में पदार्थ के नशीला होने का संकेत मिला। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि यह मॉर्फिन, कोकीन या एमडीएमए जैसे प्रतिबंधित पदार्थों में से कोई हो सकता है। हालांकि, शुरुआती जांच के आधार पर किसी एक पदार्थ की अंतिम पहचान तय नहीं की जा सकती। इसके लिए विस्तृत प्रयोगशाला जांच के परिणाम महत्वपूर्ण होंगे। कस्टम विभाग ने बरामद संदिग्ध पदार्थ को जब्त कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है। जांच के दौरान बरामद सामग्री की प्रकृति और आरोपी की भूमिका से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाया जाएगा।
29 अक्टूबर को हुई गिरफ्तारी, तस्करी के नेटवर्क की जांच जारी
कस्टम विभाग ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद 29 अक्टूबर 2026 को शाम करीब पांच बजे आरोपी टोनोला लुआ को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट यानी एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, बरामद 559 ग्राम संदिग्ध पदार्थ को भी जब्त किया गया है। अब जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि आरोपी को यह खेप कहां से मिली थी और भारत में इसकी आपूर्ति किस व्यक्ति या समूह को की जानी थी। इसके अलावा उसकी यात्रा और संभावित संपर्कों से जुड़ी जानकारी की भी जांच की जा रही है। फिलहाल कस्टम विभाग की ओर से किसी अन्य व्यक्ति की गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दी गई है। बरामद पदार्थ की अंतिम पहचान और पूरे मामले से जुड़े अन्य तथ्य जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होंगे।
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