नोएडा में पहली बार काशी की तर्ज पर होगी यमुना महाआरती, 7 नवंबर को 21 हजार दीपों से जगमगाएगा यमुना तट
- Shiv Kumar
- 06 Nov, 2026
नोएडा। काशी की प्रसिद्ध गंगा आरती की तर्ज पर अब नोएडा में भी मां यमुना की भव्य महाआरती का आयोजन होने जा रहा है। सात नवंबर को सेक्टर-94 स्थित कालिंदी कुंज पुल के पास यमुना तट पर पहली बार इस तरह का धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 'श्री यमुना सनातन ज्योति महासंगम-2026' के नाम से होने वाले इस आयोजन में 21 हजार दीप जलाकर दीपोत्सव मनाने की तैयारी है। काशी से आने वाले 11 वैदिक आचार्य विधि-विधान के साथ मां यमुना की महाआरती करेंगे। दोपहर तीन बजे से शाम सात बजे तक चलने वाले कार्यक्रम में वैदिक महायज्ञ, सामूहिक दीपदान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। आयोजन की जिम्मेदारी अखिल भारतीय गुरुकुल एवं गौशाला अनुसंधान संस्थान ने संभाली है। आयोजकों को उम्मीद है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल होंगे। धार्मिक आयोजन के साथ यमुना नदी की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जाएगा। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं, विशेषकर युवाओं को यमुना की सफाई और संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ नदी को स्वच्छ रखने का संकल्प दिलाने की योजना है।
काशी की गंगा आरती की तर्ज पर 11 वैदिक आचार्य करेंगे महाआरती
नोएडा में प्रस्तावित यमुना महाआरती को काशी की गंगा आरती की तर्ज पर आयोजित करने की तैयारी है। इसके लिए वाराणसी से 11 वैदिक आचार्यों को बुलाया जा रहा है। ये आचार्य वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ मां यमुना की सामूहिक महाआरती करेंगे। कार्यक्रम सात नवंबर को सेक्टर-94 में कालिंदी कुंज पुल के पास यमुना किनारे आयोजित होगा। आयोजकों के अनुसार, नोएडा में पहली बार इस स्तर पर यमुना महाआरती की योजना बनाई गई है। आयोजन का उद्देश्य लोगों को धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना भी है। कार्यक्रम में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को यमुना के धार्मिक महत्व के साथ नदी के संरक्षण की आवश्यकता के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।
21 हजार दीपों से रोशन होगा यमुना तट, सामूहिक दीपदान भी होगा
श्री यमुना सनातन ज्योति महासंगम-2026 का प्रमुख आकर्षण 21 हजार दीपों का दीपोत्सव होगा। आयोजकों ने यमुना तट पर बड़ी संख्या में दीप जलाने की योजना बनाई है। इसके साथ श्रद्धालु सामूहिक दीपदान कार्यक्रम में भी हिस्सा ले सकेंगे। आयोजन के दौरान वैदिक महायज्ञ और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से श्रद्धालुओं को यमुना के प्रति आस्था और सम्मान का संदेश दिया जाएगा। दोपहर तीन बजे शुरू होने वाला कार्यक्रम शाम सात बजे तक चलेगा। इस दौरान अलग-अलग धार्मिक गतिविधियां आयोजित करने की तैयारी है। आयोजकों को उम्मीद है कि दीपोत्सव और महाआरती देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे। कार्यक्रम को धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जागरूकता से जोड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है।
दिल्ली-एनसीआर से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
अखिल भारतीय गुरुकुल एवं गौशाला अनुसंधान संस्थान की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद जताई गई है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के अलावा दिल्ली तथा आसपास के शहरों से भी लोगों के पहुंचने की संभावना है। आयोजन स्थल सेक्टर-94 में कालिंदी कुंज पुल के पास निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को भी शामिल किया गया है। आयोजकों की योजना इसे सामूहिक धार्मिक आयोजन के रूप में आयोजित करने की है, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के लोग हिस्सा ले सकें। श्रद्धालुओं के लिए कार्यक्रम का समय दोपहर तीन बजे से शाम सात बजे तक निर्धारित किया गया है। बड़ी संख्या में लोगों के आने की उम्मीद को देखते हुए आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं।
यमुना की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का भी दिया जाएगा संदेश
यमुना महाआरती का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान करना नहीं, बल्कि नदी की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना भी है। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में श्रद्धालुओं और युवाओं को यमुना को स्वच्छ रखने का संकल्प दिलाया जाएगा। इसके माध्यम से लोगों को समझाने का प्रयास होगा कि नदी के प्रति आस्था के साथ उसकी सफाई और संरक्षण की जिम्मेदारी निभाना भी जरूरी है। यमुना में प्रदूषण की समस्या लंबे समय से चिंता का विषय रही है। ऐसे में धार्मिक कार्यक्रम के जरिए लोगों को नदी संरक्षण से जोड़ने की पहल की जा रही है। आयोजन के दौरान यह संदेश दिया जाएगा कि यमुना को साफ रखने के लिए समाज की भागीदारी आवश्यक है। नदी में कचरा नहीं डालने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने पर भी जोर रहेगा।
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