नोएडा में यमुना महाआरती की तैयारियां शुरू, कालिंदी कुंज पुल के पास जलाए जाएंगे 21 हजार दीप, तीन बजे से आयोजन

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नोएडा के सेक्टर-94 में कालिंदी कुंज पुल के पास पहली बार काशी की तर्ज पर यमुना महाआरती होगी। आयोजन में 21 हजार दीप जलाए जाएंगे और काशी के 11 वैदिक आचार्य आरती करेंगे। कार्यक्रम में महायज्ञ, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और यमुना संरक्षण का संदेश भी शामिल होगा।

नोएडा के सेक्टर-94 में कालिंदी कुंज पुल के पास पहली बार काशी की गंगा आरती की तर्ज पर मां यमुना की भव्य महाआरती आयोजित की जाएगी। 'श्री यमुना सनातन ज्योति महासंगम-2026' के नाम से होने वाले इस धार्मिक आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। आयोजन समिति के सदस्य यमुना तट पर पहुंचकर व्यवस्थाओं की तैयारी में जुट गए हैं। कार्यक्रम के दौरान यमुना किनारे 21 हजार दीप जलाकर भव्य दीपोत्सव मनाने की योजना है। काशी से आने वाले 11 वैदिक आचार्य मां यमुना की महाआरती करेंगे। दोपहर तीन बजे से शाम सात बजे तक चलने वाले कार्यक्रम में वैदिक महायज्ञ, सामूहिक दीपदान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। अखिल भारतीय गुरुकुल एवं गौशाला अनुसंधान संस्थान की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में दिल्ली-एनसीआर से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। सांसद डॉ. महेश शर्मा और भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के भी शामिल होने की संभावना है। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ यमुना की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना है।


कालिंदी कुंज पुल के पास शुरू हुई तैयारियां, चार घंटे चलेगा आयोजन

नोएडा के सेक्टर-94 में यमुना नदी के किनारे होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर आयोजन समिति ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। समिति के सदस्य आयोजन स्थल पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। कार्यक्रम दोपहर तीन बजे शुरू होगा और शाम सात बजे तक चलेगा। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। आयोजकों की योजना काशी में होने वाली गंगा आरती की तर्ज पर यमुना महाआरती कराने की है। इस आयोजन को 'श्री यमुना सनातन ज्योति महासंगम-2026' नाम दिया गया है। दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद को देखते हुए आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं।


21 हजार दीपों से होगा दीपोत्सव, काशी के 11 आचार्य करेंगे महाआरती

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण यमुना तट पर होने वाला दीपोत्सव और महाआरती होगी। आयोजन समिति की योजना के अनुसार, नदी किनारे 21 हजार दीप जलाए जाएंगे। इसके साथ ही काशी से आने वाले 11 वैदिक आचार्य विधि-विधान से मां यमुना की महाआरती करेंगे। आयोजन में वैदिक महायज्ञ और सामूहिक दीपदान भी शामिल किया गया है। श्रद्धालु धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद भी ले सकेंगे। आयोजकों का प्रयास है कि काशी की प्रसिद्ध गंगा आरती की तरह नोएडा में भी यमुना आरती का भव्य आयोजन किया जाए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।


सांसद महेश शर्मा और भाजपा नेताओं के पहुंचने की उम्मीद

अखिल भारतीय गुरुकुल एवं गौशाला अनुसंधान संस्थान की ओर से इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसमें गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा और भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि, उनकी उपस्थिति की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। आयोजन समिति के सदस्य कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे हैं। दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और एनसीआर के अन्य क्षेत्रों से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। धार्मिक आयोजन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी रखे गए हैं, ताकि श्रद्धालु सामूहिक रूप से इसमें भाग ले सकें।


यमुना की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का भी दिया जाएगा संदेश

यमुना महाआरती का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन करना नहीं, बल्कि नदी की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना भी है। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं और युवाओं को यमुना नदी के संरक्षण का संकल्प दिलाया जाएगा। आयोजकों की ओर से लोगों को नदी को स्वच्छ रखने और पर्यावरण की सुरक्षा में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस तरह महाआरती, महायज्ञ और दीपदान के साथ यमुना संरक्षण का संदेश भी दिया जाएगा। आयोजन समिति का प्रयास धार्मिक आस्था के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को नदी की स्वच्छता से जोड़ने का है।

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