Greater Noida में 2 दिसंबर को हुई बुजुर्ग की हत्या का खुलासा, आरोपी बेटे को पुलिस ने किया अरेस्ट, ये थी वजह
ग्रेटर नोएडा की कासना थाना पुलिस ने 2 दिसंबर 2024 को हुई हत्या के मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में मृतक के बेटे को ही अरेस्ट किया गया है।
- Rishabh Chhabra
- 22 Mar, 2025
ग्रेटर नोएडा की कासना थाना पुलिस ने 2 दिसंबर 2024 को हुई हत्या के मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में मृतक के बेटे को ही अरेस्ट किया गया है। बताया जा रहा है कि 25-25 लाख की बीमा पॉलिसी के लालच में आरोपी ने वारदात को अंजाम दे डाला। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
आरोपी ने 2 दिसंबर को दर्ज कराया हत्या का केस
दरअसल 2 दिसंबर 2024 को वादी द्वारा थाना कासना पर अभियोग पंजीकृत कराया गया था कि उसके पिता प्रकाश बोसक की अज्ञात अभियुक्त के द्वारा हत्या कर दी गयी है। घटना की सूचना पर पुलिस के आलाधिकारियों के निर्देशानुसार थाना कासना पुलिस द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर सबूत जुटाए गए। इसके साथ ही तत्काल अभियोग पंजीकृत करते हुए अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम का गठन किया गया।
इसी मामले में शनिवार को थाना कासना पुलिस द्वारा प्राप्त साक्ष्यों व मैनुअल इंटेलिजेंस की मदद से घटना में शामिल मृतक के पुत्र अभि0 संतोष बोसक(वादी मुकदमा) पुत्र स्व0 प्रकाश बोसक को दनकौर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया है।
एक होम लोन चुकाने को लिया दूसरा होम लोन
मिली जानकारी के अनुसार मृतक प्रकाश बोसक मूल रूप से गांव बहोरा थाना टेढागाज जनपद किशनगंज राज्य बिहार के रहने वाले थे और लगभग 20 साल पहले नोएडा में आकर किराए पर रहने लगे थे। मृतक प्रकाश व उसके बड़े पुत्र संतोष के द्वारा वर्ष 2022 में निजी बैंक से लगभग साढ़े बारह लाख रूपये का होम लोन लेकर जनपद बुलंदशहर में एक घर खरीदा गया था। जिसकी प्रतिमाह क़िस्त लगभग 12,500 रूपये थी। हर महीने की क़िस्त चुका पाना मृतक के परिवार के लिए बहुत मुश्किल हो रहा था, इस लिए अभियुक्त संतोष और उसके पिता मृतक प्रकाश ने सोचा की हम दूसरा लोन ले लेते हैं। जिससे होम लोन भी खत्म हो जायेगा और कुछ पैसे भी मिल जायेंगे। इसी कारण दोनों ने दूसरी हाउसिंग फाईनेन्स से लगभग इक्कीस लाख रूपये का लोन प्राप्त किया। जिसमें से उन्हें लगभग साढ़े बीस लाख रूपये मिले। इनके द्वारा साढ़े बारह लाख रूपये निजी बैंक के होम लोन में जमा कर दिए और शेष लगभग 7,69,000 रूपये संतोष ने अपने फर्म पीएसजी मसाला के बैंक खाते में जमा कर दिए। इस लोन पर मृतक प्रकाश का जीवन बीमा 60 प्रतिशत का था। इस लोन की क़िस्त लगभग 27,000 रूपये प्रतिमाह थी जो बहुत अधिक थी। शुरू के कुछ महीने तो क़िस्त देने में कोई दिक्कत नही हुई ,लेकिन धीरे-धीरे बैंक का पैसा खत्म होने लगा और इनका काम भी ठीक नहीं चल रहा था।
पिता के 50 लाख के जीवन बीमा को लेकर आया लालच
फिर एक दिन आरोपी संतोष को पता चला कि उसके पिताजी ने अपने 25-25 लाख रूपये के दो जीवन बीमा कराए हुए हैं। जिसमें आरोपी संतोष की माता नामिनी है। इन जीवन बीमा के बारे में घर में आरोपी संतोष व उसके पिताजी के अलावा किसी को नही पता था। संतोष का मसाला पैकेजिंग का काम है, जो उस समय अच्छा नहीं चल रहा था और आर्थिक तंगी हो गयी थी। संतोष ने योजना बनायी कि यदि मैं अपने पिता जी को मार दूं तो दोनों जीवन बीमा का पैसा लगभग 50 लाख रूपये मुझे मिल जायेगा और जो लोन हमने लिया था उसका भी 60 प्रतिशत बीमा कम्पनी द्वारा बैंक को भुगतान कर दिया जायेगा।
लालच के चलते बनाई पिता की हत्या की योजना
संतोष ने लालच के कारण अपने पिता की हत्या करने का पूरी योजना बना ली थी। घटना के दिन सुबह ही संतोष ने योजनानुसार घर से ही सब्जी काटने वाला चाक़ू अपने बैग में रख लिया था और दोनों दिल्ली चले गये। जहां वापसी में संतोष द्वारा पूर्व योजनानुसार जानबूझकर पक्की सड़क के रास्ते से न आकर सुनसान रहने वाली कच्ची सड़क ग्राम बिशवाना, थाना सिकन्द्राबाद पर स्कूटी लेकर चल दिया। अभियुक्त द्वारा योजनानुसार ज्वार के खेत के पास स्कूटी रोकी और पिता जी से कहा कि यहां पेशाब कर लीजिये, मृतक जैसे ही स्कूटी से उतरे और पेशाब करने लगे उसी समय आरोपी संतोष द्वारा अपने बैग से चाकू निकाला और पीछे से मृतक पर वार कर हत्या कर दी गई। अभियुक्त द्वारा उसी चाकू से अपनी छाती पर एक कट का निशान बनाया गया ताकि किसी को अभियुक्त पर शक न हो और घटना सच्ची लगे। संतोष द्वारा वहां से 100 मीटर दूर समाधि के पास आकर खड़ा हो गया वही पर झाड़ में चाक़ू को छिपा दिया था। योजनानुसार अभियुक्त संतोष ने अपने पिता मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया और मृत्यु के तीन महीने के अंदर ही जीवन बीमा का पैसा लगभग 50 लाख रूपये अपनी माता के बैंक के खाते में प्राप्त कर लिए।
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