यूपी में नवरात्र और ईद पर पुलिस हाई अलर्ट, बुलंदशहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किया पैदल मार्च, DGP ने दिए निर्देश

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जुमा ए अलविदा पर पुलिस और LIU को अलर्ट रहने के निर्देश

Bulandsahar: इस बार ईद और नवरात्र के एक साथ पड़ने से सरकार के साथ शासन-प्रशासन चौकन्ना है। दोनों त्योहारों को लेकर पुलिस हाई अलर्ट मोड पर आ गई है। इसी कड़ी में  बुलंदशहर में नवरात्र और ईद पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस हाइलर्ट पर है। त्योहारों पर शांति व्यवस्था बनाने रखने के लिए  मेरठ जोन के DIG कलानिधि नैथानी ने  SSP श्लोक कुमार के साथ पैदल मार्च किया। शाही ईदगाह व राजराजेश्वर मंदिर पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर कमेटियों से वार्ता की । जुमा ए अलविदा पर पुलिस और LIU को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि बुलंदशहर में मुस्लिमों की संख्या अधिक है, इसलिए पुलिस-प्रशासन सतर्कता बरत रही है।
वहीं, उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार ने शुक्रवार को अलविदा जुमे की नमाज और ईद-उल-फितर के दौरान किसी भी नयी परंपरा पर सख्त प्रतिबंध लगाने और संवेदनशील क्षेत्रों में कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं। सभी जिले के पुलिस अधीक्षकों को  असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जाए, सतर्कता के लिए ड्रोन कैमरे तैनात किए जाएं और दंगा नियंत्रण उपायों को पूरी तरह से तैयार रखने निर्देश दिए हैं।
डीजीपी ने सख्त लहजे में जारी किए निर्देश
डीजीपी ने राज्य भर के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा कि सुरक्षा व्यवस्था एक सुव्यवस्थित क्षेत्र और सेक्टर योजना पर आधारित होनी चाहिए। संवेदनशील और अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की जाए, जिसमें मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ अधिकारियों सहित पर्याप्त संख्या में पुलिस कर्मियों की तैनाती हो। किसी भी नयी परंपरा या प्रथा की अनुमति नहीं दी जाएगी और उन्हें शुरू करने के किसी भी प्रयास को तुरंत रोका जाना चाहिए। सांप्रदायिक हिंसा के आरोपी व्यक्तियों की सूची अपडेट करने और जहां आवश्यक हो वहां निवारक कानूनी कार्रवाई करें।  शांति सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय पुलिस को धार्मिक नेताओं और शांति समिति के सदस्यों से संपर्क करें और सद्भाव बनाए रखने में उनके सहयोग का आग्रह करें। डीजीपी ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को प्रमुख स्थानों पर क्षेत्र भ्रमण करना चाहिए ताकि पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित हो सके। पुलिस बल, प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के कर्मियों के साथ फ्लैग मार्च किया जाए। 

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